Prayagraj Accident : अब सपा ने बढ़ाया मदद का हाथ मृतकों के परिजनों को देगी ₹2-2 लाख, घायलों को भी मिलेगी राहत
News India Live, Digital Desk: प्रयागराज के फाफामऊ में हुए भीषण कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद जहाँ एक ओर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी पीड़ितों के लिए बड़ी आर्थिक मदद का ऐलान किया है। पार्टी नेतृत्व ने घोषणा की है कि इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को सपा की ओर से ₹2-2 लाख की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल हुए मजदूरों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। गौरतलब है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व सपा विधायक अंसार अहमद का है, जो वर्तमान में पुलिस हिरासत में हैं।
1. सपा की 'मरहम' वाली राजनीति
हादसे के बाद विपक्ष और स्थानीय लोगों के निशाने पर आई समाजवादी पार्टी ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस राहत राशि की घोषणा की है। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पीड़ितों के गांव (विशेषकर बिहार के सहरसा) और अस्पताल जाकर परिजनों से मुलाकात करेगा और उन्हें सहायता राशि के चेक सौंपेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि भले ही मालिक उनके दल से जुड़े हों, लेकिन मजदूरों की जान की कीमत सर्वोपरि है।
2. सरकारी मुआवजे के अतिरिक्त होगी यह राशि
बता दें कि कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार देने की घोषणा की थी। सपा द्वारा दी जाने वाली यह राशि सरकारी मुआवजे से अलग होगी। इस प्रकार, मृतक के परिवारों को कुल मिलाकर ₹4-4 लाख की तात्कालिक सहायता प्राप्त होगी।
3. "हादसे पर सियासत नहीं, संवेदना जरूरी"
सपा प्रवक्ताओं का कहना है कि पार्टी हमेशा से ही गरीबों और मजदूरों के हितों के लिए खड़ी रही है। चूँकि अधिकांश मृतक बिहार के प्रवासी मजदूर हैं, इसलिए पार्टी ने अपनी प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि उन परिवारों तक मदद पहुँचाने में कोई देरी न हो। हालांकि, विपक्ष का एक धड़ा इसे 'डैमेज कंट्रोल' के रूप में देख रहा है क्योंकि कोल्ड स्टोरेज की जर्जर हालत के लिए सीधे तौर पर पूर्व सपा विधायक पर उंगलियां उठ रही हैं।
4. रेस्क्यू और राहत का ताजा अपडेट
मृतकों की संख्या: हादसे में अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।
घायल: 12 से अधिक मजदूरों का इलाज स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से 6 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
सीबीआई जांच की मांग: विपक्षी दलों और मजदूर यूनियनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि मानकों के विरुद्ध कोल्ड स्टोरेज कैसे संचालित हो रहा था।