Post-Delivery Diet : मां बनने के बाद शरीर में आ गई है कमजोरी? तेजी से रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 सुपरफूड्स
News India Live, Digital Desk : बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती 6 से 12 हफ्ते एक महिला के लिए 'रिकवरी फेज' होते हैं। इस दौरान शरीर को खोई हुई ऊर्जा वापस पाने और हीमोग्लोबिन के स्तर को सामान्य करने के लिए विशेष पोषण की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जो महिलाएं डिलीवरी के बाद सही खान-पान का ध्यान रखती हैं, उनमें 'प्रसवोत्तर अवसाद' (Postpartum Depression) और शारीरिक दर्द की समस्या काफी कम देखी जाती है।
1. मेथी के दाने: आयरन और कैल्शियम का पावरहाउस
भारतीय घरों में मेथी के लड्डू देने की परंपरा सदियों पुरानी है और इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हैं।
फायदा: मेथी दाना आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।
दूध की आपूर्ति: यह स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध के उत्पादन (Lactation) को बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
2. ओट्स और दलिया: पाचन और ऊर्जा का संगम
डिलीवरी के बाद कब्ज (Constipation) एक आम समस्या है। ऐसे में फाइबर युक्त आहार रामबाण इलाज है।
हल्का और सुपाच्य: ओट्स और दलिया आसानी से पच जाते हैं और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं।
फायदा: इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकेन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां और फल
नई मां की डाइट में विटामिन और मिनरल्स का होना अनिवार्य है:
| खाद्य पदार्थ | पोषक तत्व | रिकवरी में भूमिका |
|---|---|---|
| पालक/बथुआ | आयरन और फोलेट | खून की कमी (Anemia) को दूर करता है। |
| पपीता | विटामिन A और C | पाचन में सुधार और टांकों को जल्दी भरने में मदद। |
| बादाम/अखरोट | ओमेगा-3 फैटी एसिड | मस्तिष्क के स्वास्थ्य और हार्मोनल संतुलन के लिए। |
4. हल्दी वाला दूध: नेचुरल हीलर
हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है।
अंदरूनी घाव: यह डिलीवरी के बाद होने वाले अंदरूनी घावों को भरने और सूजन को कम करने में मदद करता है।
बेहतर नींद: रात में गर्म हल्दी वाला दूध पीने से तनाव कम होता है और नींद बेहतर आती है।
5. गोंद के लड्डू और अजवाइन का पानी
गोंद: यह रीढ़ की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है और शरीर को गर्मी देता है।
अजवाइन: प्रसव के बाद अजवाइन का पानी पीने से पेट साफ रहता है और गैस की समस्या नहीं होती।
हाइड्रेशन का रखें ध्यान
भोजन के साथ-साथ पानी की मात्रा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ (नारियल पानी, जूस, सूप) पिएं। कैफीन और ज्यादा मिर्च-मसाले वाले खाने से बचें, क्योंकि इसका सीधा असर बच्चे के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।