Cyber Security Alert : क्या आपके फोन में भी है Wingo App? भारत सरकार ने लगाया बैन चुपके से खाली कर रहा था बैंक खाते

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News India Live, Digital Desk : अगर आप भी ऑनलाइन गेम खेलकर रातों-रात अमीर बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। भारत सरकार ने Wingo नामक ऐप को देश में प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह ऐप केवल एक गेमिंग प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'साइबर स्कैम' था, जो भारतीय यूजर्स के निजी डेटा और मेहनत की कमाई पर सेंध लगा रहा था।

1. कैसे काम करता था 'विंगो' का जाल? (Modus Operandi)

Wingo ऐप मुख्य रूप से 'कलर प्रेडिक्शन' (Color Prediction) और सट्टेबाजी के जरिए लोगों को लुभाता था।

शुरुआती लालच: यूजर्स को शुरुआत में छोटे निवेश पर बड़ा रिटर्न दिया जाता था ताकि उनका भरोसा जीता जा सके।

डेटा की चोरी: ऐप इंस्टॉल होते ही यह फोन के कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और मैसेज का एक्सेस ले लेता था।

पैसे की हेराफेरी: एक बार जब यूजर बड़ी रकम निवेश करता, तो ऐप तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर अकाउंट फ्रीज कर देता या विड्रॉल रोक देता था।

2. सरकार ने क्यों लिया बैन का फैसला? (Key Reasons)

आईटी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार, इस ऐप के खिलाफ हजारों शिकायतें दर्ज की गई थीं:

मुख्य कारणविवरण
मनी लॉन्ड्रिंगआशंका है कि इस ऐप के जरिए पैसा अवैध रूप से विदेशों (विशेषकर चीन) में भेजा जा रहा था।
गोपनीयता का उल्लंघनयूजर्स का सेंसिटिव डेटा डार्क वेब पर बेचे जाने के सबूत मिले हैं।
अवैध सट्टेबाजीभारत के कई राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्रतिबंधित है, जिसका यह ऐप उल्लंघन कर रहा था।

3. अगर आपके फोन में है यह ऐप, तो तुरंत करें ये काम

साइबर एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को तुरंत सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी है:

ऐप को डिलीट करें: केवल अनइंस्टॉल न करें, बल्कि ऐप की सेटिंग्स में जाकर पहले 'क्लियर डेटा' (Clear Data) करें और फिर डिलीट करें।

पासवर्ड बदलें: अगर आपने इस ऐप में अपने बैंक या सोशल मीडिया वाले पासवर्ड का इस्तेमाल किया था, तो उन्हें तुरंत बदलें।

बैंक अलर्ट: अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करें। यदि कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्प लाइन) पर कॉल करें।

 अनजान ऐप्स से रहें सतर्क

Wingo जैसे ऐप्स अक्सर 'APK' फाइल के जरिए या यूट्यूब/इंस्टाग्राम विज्ञापनों के माध्यम से डाउनलोड करवाए जाते हैं। गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से बाहर के ऐप्स हमेशा जोखिम भरे होते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारत में जगह नहीं दी जाएगी।

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