उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में आज रात से बदलेगा मौसम
News India Live, Digital Desk: शनिवार, 31 जनवरी 2026 को उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है, जिससे अगले 72 घंटों तक मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा।
1. दिल्ली-NCR: आज रात से बारिश की संभावना
दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।
अलर्ट: मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। आज देर रात या कल सुबह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
हवा की रफ्तार: 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।
तापमान: अधिकतम तापमान 20°C और न्यूनतम 8°C के आसपास रहने की संभावना है।
2. पंजाब और हरियाणा: ओलावृष्टि का डर
इन दोनों राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है:
बारिश: पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
ओले: 1 फरवरी को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है, जिससे किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को खतरा हो सकता है।
3. उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल
| राज्य | मौसम का हाल | चेतावनी |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | पश्चिमी यूपी (मेरठ, आगरा) में बादल छाएंगे और बारिश होगी। पूर्वी यूपी (लखनऊ) में हल्की बूंदाबांदी संभव है। | घना कोहरा: सुबह के समय विजिबिलिटी 100 मीटर से कम रह सकती है। |
| बिहार | पटना समेत अधिकांश जिलों में मौसम फिलहाल शुष्क रहेगा, लेकिन कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। | शीतलहर: उत्तर बिहार के जिलों में बर्फीली हवाओं का असर रहेगा। |
4. पहाड़ों पर 'बर्फबारी' का तांडव
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी शुरू हो गई है।
पर्यटकों के लिए सलाह: अटल टनल और मनाली-लेह हाईवे जैसे इलाकों में यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
तापमान: कई इलाकों में पारा -5°C से नीचे गिर चुका है।
क्या 'मावट' से मिलेगी राहत?
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ओले नहीं गिरते हैं, तो यह बारिश (मावट) रबी की फसलों के लिए अमृत के समान होगी। हालांकि, 3 फरवरी के बाद जब बादल छंटेंगे, तो उत्तर भारत में एक बार फिर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की वापसी होगी।