Politics of Maharashtra : वो नेता जो 5 बार डिप्टी सीएम बना, जानिए अजित पवार की सियासत का फ़िल्मी सफ़र
News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र की राजनीति की जब भी बात होती है, कुछ चेहरे अपने आप सामने आ जाते हैं। उन्हीं में से एक बड़ा और हमेशा चर्चा में रहने वाला नाम है - अजित पवार। लोग उन्हें 'दादा' के नाम से भी जानते हैं। लेकिन आज हम उनकी पहचान से जुड़े एक ऐसे रिकॉर्ड की बात करेंगे, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएँगे।
क्या आप जानते हैं कि अजित पवार एक, दो या तीन बार नहीं, बल्कि पूरे पाँच बार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM) की कुर्सी पर बैठ चुके हैं? जी हाँ, ये एक ऐसा रिकॉर्ड है जो शायद ही किसी और नेता के नाम हो।
कैसे शुरू हुआ ये अनोखा सिलसिला?
अजित पवार की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उन्होंने अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया और हर बार सत्ता में अपनी जगह बना ही ली।
- पहली पारी: उनका यह सफर शुरू हुआ कांग्रेस के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ। तब वे पहली बार राज्य के डिप्टी सीएम बने।
- सियासत का सबसे बड़ा ट्विस्ट: साल 2019 का वो दिन शायद ही कोई भूल पाएगा। जब रातों-रात महाराष्ट्र की राजनीति बदल गई थी। अजित पवार ने सबको चौंकाते हुए बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सुबह-सुबह डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली थी। हालांकि, ये सरकार सिर्फ 80 घंटे ही चली, पर इस घटना ने अजित पवार को 'गेम चेंजर' बना दिया।
- वापसी और फिर डिप्टी सीएम: कुछ ही दिनों बाद, जब महाविकास अघाड़ी (शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस) की सरकार बनी, तो अजित पवार ने फिर से वापसी की। इस बार उन्होंने शिवसेना के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अंडर में डिप्टी सीएम का पद संभाला और पूरे ढाई साल तक इस पद पर रहे।
- एक और नया मोड़: हाल ही में जब शिवसेना में बगावत हुई और एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई, तो लगा कि अजित पवार अब विपक्ष में बैठेंगे। लेकिन राजनीति को शायद इसीलिए 'अनिश्चितताओं का खेल' कहते हैं। कुछ महीने पहले, अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की पार्टी (NCP) को तोड़कर शिंदे-फडणवीस सरकार को समर्थन दे दिया और एक बार फिर पांचवीं बार डिप्टी सीएम की शपथ ले ली।
क्यों हैं अजित पवार इतने ख़ास?
अजित पवार की राजनीति को समझना आसान नहीं है। वो अपने चाचा और राजनीति के दिग्गज शरद पवार की छांव में बड़े हुए, लेकिन समय आने पर उन्होंने अपने फैसले खुद लिए। बारामती से शुरू हुआ उनका सफर आज महाराष्ट्र की सत्ता का एक मज़बूत केंद्र बन चुका है।
उनका बार-बार डिप्टी सीएम बनना ये दिखाता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी पकड़ कितनी मजबूत है। चाहे सरकार किसी की भी हो, अजित पवार सत्ता का एक अहम हिस्सा बने रहते हैं। उनकी यही खूबी उन्हें महाराष्ट्र की सियासत का 'बाजीगर' बनाती है।