BREAKING:
April 02 2026 07:20 am

बिहार में मची भगदड़ पर सियासी घमासान RJD का नीतीश सरकार पर तीखा हमला

Post

News India Live, Digital Desk: नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई दर्दनाक भगदड़ ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस हादसे में हुई श्रद्धालुओं की मौत के बाद बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। आरजेडी ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जब जनता प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रही है, तब सत्ता पक्ष के लोग केवल अपनी 'कुर्सी बचाने' और 'सत्ता के खेल' में व्यस्त हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी ने इस घटना को पूरी तरह से 'प्रशासनिक विफलता' करार दिया है।

RJD का आरोप: 'जनता मर रही है और सरकार कुर्सी बचा रही है'

आरजेडी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं ने सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग के जरिए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था और प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। आरजेडी ने तंज कसते हुए कहा, "नालंदा मुख्यमंत्री का गृह जिला है और वहां इतनी बड़ी लापरवाही हो गई, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान केवल सत्ता के समीकरण बिठाने पर है।" पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों इतने बड़े त्यौहार के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और क्यों मासूम महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी?

'बिहार में आखिर चल क्या रहा है?'

विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधा सवाल पूछा है कि 'बिहार में आखिर चल क्या रहा है?' आरजेडी ने कहा कि एक तरफ अपराधी बेखौफ हैं और दूसरी तरफ धार्मिक स्थलों पर कुप्रबंधन के कारण आम नागरिक मारे जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि जिले के आला अधिकारी वीआईपी मूवमेंट में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रख दिया जाता है। आरजेडी ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

सत्ता पक्ष और विपक्ष में वार-पलटवार तेज

हादसे के बाद जहां मुख्यमंत्री ने मुआवजे का एलान किया है, वहीं विपक्ष इसे नाकाफी बता रहा है। आरजेडी का कहना है कि मुआवजा देना समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। दूसरी तरफ, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष इस दुखद घड़ी में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है। फिलहाल, नालंदा की इस घटना ने बिहार की राजनीति के पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है और आने वाले विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं।