बिहार में करप्शन पर प्रहार SDPO गौतम कुमार और DRDO डायरेक्टर के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी
News India Live, Digital Desk: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह ईओयू की टीम ने बिहार पुलिस के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौतम कुमार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के निदेशक विभव कुमार के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पटना से लेकर बिहार के अन्य शहरों में स्थित इनके आवासों और कार्यालयों पर जांच जारी है।
SDPO गौतम कुमार के ठिकानों से मिली अकूत संपत्ति
ईओयू की विशेष टीम ने एसडीपीओ गौतम कुमार के पटना और पैतृक आवास पर सुबह-सुबह दस्तक दी। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकद, सोने के गहने और कई कीमती जमीनों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति बनाई है। ईओयू की टीम अब उनके बैंक खातों और लॉकरों को खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी का पर्दाफाश हो सके।
DRDO डायरेक्टर विभव कुमार भी जांच के घेरे में
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में ईओयू ने डीआरडीओ के डायरेक्टर विभव कुमार के ठिकानों पर भी दबिश दी। सरकारी सेवा में रहते हुए विभव कुमार द्वारा भारी भरकम निवेश और बेनामी संपत्तियों की शिकायतें आर्थिक अपराध इकाई को मिली थीं। जांच के दौरान विभव कुमार के ठिकानों से कई लग्जरी गाड़ियों और फ्लैटों से संबंधित कागजात मिलने की बात सामने आ रही है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त एजेंसियों के समन्वय से यह कार्रवाई और भी सख्त होने की उम्मीद है।
भ्रष्ट अधिकारियों में मचा हड़कंप, जेल जाने की तैयारी
बिहार में पिछले कुछ समय से बड़े अधिकारियों के खिलाफ ईओयू की सक्रियता ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि रसूखदार पदों पर बैठे लोग भी अब कानून से बच नहीं पाएंगे। ईओयू के आला अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है और आय से अधिक संपत्ति का सटीक आकलन होने के बाद दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी भी संभव है। इस कार्रवाई से प्रदेश में भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य अधिकारियों की नींद उड़ गई है।