पीएम मोदी का सीक्रेट फोन इसे हैक करना है नामुमकिन, जानिए रैक्स की खूबियां

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News India Live, Digital Desk : हम अक्सर टीवी या अख़बारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें देखते हैं। कभी वो विदेश यात्रा पर होते हैं, तो कभी देश के युवाओं के साथ सेल्फी ले रहे होते हैं। हमारे मन में एक सवाल ज़रूर आता है "आखिर पीएम मोदी खुद कौन सा स्मार्टफोन इस्तेमाल करते होंगे?" क्या वो नया वाला iPhone है या कोई महंगा सैमसंग?

जवाब आपको चौंका देगा। देश के प्रधानमंत्री सुरक्षा के लिहाज से एक ऐसे खास फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं, जो आपको बाज़ार में किसी भी दुकान पर नहीं मिलेगा। इस फ़ोन को RAX (रैक्स) कहा जाता है।

आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि ये RAX क्या है और इसमें ऐसा क्या खास है जो बड़े-बड़े देशों की एजेंसियों को भी इसे हैक करने से डराता है।

क्या है यह 'RAX' फ़ोन?

RAX का पूरा मतलब है 'Restricted Area Exchange' (रेस्ट्रिक्टेड एरिया एक्सचेंज)। जैसा नाम, वैसा काम। यह एक बेहद हाई-टेक और सुरक्षित कम्यूनिकेशन डिवाइस है। यह फ़ोन विशेष रूप से देश के वीवीआईपी (VVIP) लोगों के लिए बनाया गया है, जैसे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री, ताकि उनकी बातचीत पूरी तरह गोपनीय रह सके।

इसकी सुरक्षा सुनकर दंग रह जाएंगे आप

आजकल हम सुनते हैं कि किसी का फ़ोन हैक हो गया या कोई वायरस आ गया। लेकिन पीएम मोदी का यह RAX फ़ोन एक लोहे के किले जैसा है।

  1. हैकिंग 'इम्पॉसिबल': इस फ़ोन में मिलिट्री-ग्रेड की सुरक्षा (Encryption) होती है। इसका सॉफ्टवेयर आम एंड्राइड या iOS जैसा नहीं होता। इसे खास तौर पर भारत में ही कोड किया गया है। दुनिया का बड़े से बड़ा हैकर भी इसकी बातचीत को बीच में सुन नहीं सकता (Trace or Tap नहीं कर सकता)।
  2. जासूसी सॉफ़्टवेयर भी फ़ेल: आपने 'पेगासस' जैसे जासूसी सॉफ्टवेयर का नाम सुना होगा। रिपोर्टस बताती हैं कि RAX की सुरक्षा इतनी तगड़ी है कि ऐसे जासूसी टूल भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
  3. मेड इन इंडिया (BEL): सबसे गर्व की बात यह है कि यह फ़ोन विदेश से नहीं आया। इसे 'भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड' (BEL) ने तैयार किया है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' का एक बेहतरीन नमूना है।

इस फ़ोन से क्या करते हैं पीएम?

ज़ाहिर है, मोदी जी इस फ़ोन पर यूट्यूब रील नहीं देखते होंगे! इसका इस्तेमाल सिर्फ़ अति-गोपनीय (Top Secret) कामों के लिए होता है।

  • देश की सुरक्षा से जुड़ी बातचीत।
  • खूफिया एजेंसियों के साथ संपर्क।
  • दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हॉटलाइन वार्ता।

इसके अलावा, सार्वजनिक जीवन में पीएम कभी-कभी आईफ़ोन (iPhone) का इस्तेमाल करते हुए भी देखे जाते हैं, लेकिन वो सिर्फ़ फोटो खींचने या सोशल मीडिया के लिए होता है। असली काम और राज़ तो इसी 'RAX' फ़ोन में सुरक्षित रहते हैं।

तो अगली बार जब पीएम के हाथ में कोई डिवाइस देखें, तो समझ जाइएगा कि उसके पीछे भारतीय इंजीनियरों की गज़ब की मेहनत और सुरक्षा लगी हुई है।