Plastic Pollution Alert: 2040 तक दोगुना हो जाएगा प्लास्टिक से जुड़ा स्वास्थ्य संकट! कैंसर और जहरीले रसायनों का खतरा; 'द लैंसेट' की रिपोर्ट ने चौंकाया
नई दिल्ली। अगर आप अब भी प्लास्टिक का इस्तेमाल बेझिझक कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। एक नई और डरावनी स्टडी के मुताबिक, यदि प्लास्टिक के उत्पादन और उपयोग के मौजूदा तरीकों में बदलाव नहीं किया गया, तो साल 2040 तक इससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिम दो गुने हो सकते हैं। प्रतिष्ठित जर्नल 'द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ' में प्रकाशित इस शोध ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक का पूरा जीवनचक्र-कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) को निकालने से लेकर कचरे के निपटान तक-इंसानों के लिए 'साइलेंट किलर' साबित हो रहा है।
प्लास्टिक का पूरा 'जीवनचक्र' है जहरीला
शोधकर्ताओं ने बताया कि 90 प्रतिशत से अधिक प्लास्टिक फॉसिल फ्यूल से बनता है। प्रदूषण की शुरुआत तभी हो जाती है जब इसे बनाने के लिए जमीन से तेल निकाला जाता है।
खतरनाक रसायनों का जाल: निर्माण के दौरान निकलने वाले जहरीले रसायन हवा और पानी में मिलकर हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।
खुले में जलाना: प्लास्टिक कचरे को खुले में जलाना सबसे घातक है, जो सीधे फेफड़ों और रक्त संचार प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है।
आंकड़ों की जुबानी: 83 मिलियन साल कम हो जाएगी 'स्वस्थ जिंदगी'
स्टडी में 2016 से 2040 के बीच के विभिन्न परिदृश्यों का विश्लेषण किया गया है, जिसके नतीजे बेहद चिंताजनक हैं:
स्वस्थ जीवन का नुकसान: 2016 में प्लास्टिक के कारण 2.1 मिलियन 'स्वस्थ जीवन वर्षों' का नुकसान हुआ था, जो 2040 तक बढ़कर 4.5 मिलियन पहुँच सकता है।
कुल प्रभाव: इस पूरी अवधि में मानवता के कुल 83 मिलियन स्वस्थ जीवन वर्ष कम होने का अनुमान है।
बीमारियों का खतरा: प्लास्टिक के संपर्क में रहने से कैंसर और अन्य गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है।
संकट का मुख्य कारण क्या है?
अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक से होने वाले कुल स्वास्थ्य नुकसान के पीछे तीन प्रमुख कारक जिम्मेदार होंगे:
जलवायु परिवर्तन (40%): प्लास्टिक उत्पादन से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसें।
वायु प्रदूषण (32%): निर्माण और कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं।
जहरीले रसायन (27%): प्लास्टिक में मौजूद एडिटिव्स और रसायनों का सीधा संपर्क।
रीसाइक्लिंग ही समाधान नहीं: विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि केवल कचरा संग्रह करना या रीसाइक्लिंग करना इस संकट का समाधान नहीं है।
"हमें प्लास्टिक के उत्पादन पर नियंत्रण लगाना होगा। गैर-जरूरी उपयोग (Single Use Plastic) में कटौती और पुन: उपयोग योग्य (Reusable) सामग्री को अपनाना ही स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।"
क्या हो सकता है बचाव?
प्लास्टिक की बोतलों और बर्तनों के बजाय कांच, मिट्टी या धातु के विकल्पों का उपयोग करें।
प्लास्टिक कचरे को कभी भी घर के आसपास न जलाएं।
सरकार और नागरिक स्तर पर प्लास्टिक मुक्त अभियानों को मजबूती दें।