PF खाताधारकों की बल्ले-बल्ले! अब UPI से तुरंत निकलेगा पैसा, क्लेम भी होंगे 'रियल-टाइम' में सेटल, सरकार का मेगा प्लान!
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 8 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्यों के लिए अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। ‘EPFO 3.0’ नाम के इस मेगा प्रोजेक्ट का सीधा मकसद आपके पीएफ (PF) से जुड़े हर काम को उतना ही तेज और आसान बनाना है, जितना फोन से UPI पेमेंट करना। इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद आपको पीएफ बैलेंस चेक करने, प्रोफाइल में सुधार करने या पैसे निकालने के लिए महीनों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यह सब कुछ पलक झपकते ही हो जाएगा।
बैंकों की तरह 'रियल-टाइम' में सेटल होंगे क्लेम
EPFO 3.0 सिर्फ एक छोटा-मोटा अपडेट नहीं, बल्कि पीएफ मैनेजमेंट के पूरे सिस्टम को बदलने वाली एक बड़ी मुहिम है। अभी तक EPFO का सिस्टम पुराने और अलग-अलग सॉफ्टवेयर पर चलता है, जिस वजह से वेबसाइट अक्सर धीमी हो जाती है या क्लेम लंबे समय तक अटके रहते हैं। लेकिन अब EPFO देश के बड़े बैंकों की तरह आधुनिक ‘कोर बैंकिंग सिस्टम’ (CBS) को अपनाने जा रहा है। इस तकनीक से लाखों लेनदेन एक साथ और रियल-टाइम में प्रोसेस हो सकेंगे, जिससे सर्वर क्रैश होने या काम में देरी की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
UPI से सीधे खाते में आएगा PF का पैसा!
इस पूरे बदलाव का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित फीचर UPI के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा है। अब आपको अपने पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक की चेक बुक अपलोड करने या कई दिनों तक अप्रूवल का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत आप BHIM या किसी भी अन्य UPI ऐप से सीधे पैसे निकाल सकेंगे। आपके मोबाइल ऐप पर ही आपका कुल बैलेंस और निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि साफ-साफ दिखाई देगी। माना जा रहा है कि शुरुआत में सरकार एक बार में ₹25,000 तक निकालने की सीमा तय कर सकती है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत कैश मिल सके।
अब नहीं होंगे क्लेम रिजेक्ट, निकासी के नियम हुए बेहद आसान
EPFO ने पीएफ से पैसा निकालने के दर्जनों जटिल नियमों को खत्म करते हुए इसे बेहद सरल बना दिया है। अब पीएफ निकासी को सिर्फ तीन स्पष्ट श्रेणियों में बांटा गया है:
- जरूरी जरूरतें: जैसे बच्चों की शिक्षा या शादी।
- घर से जुड़ी जरूरतें: जैसे नया मकान खरीदना या पुराने की मरम्मत।
- विशेष परिस्थितियां: जैसे गंभीर बीमारी या बेरोजगारी।
नियमों के इस सरलीकरण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब तकनीकी वजहों से आपका क्लेम रिजेक्ट होने का डर लगभग खत्म हो जाएगा और पैसे निकालने को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा।
बिना बॉस की मंजूरी के खुद अपडेट करें अपनी प्रोफाइल
EPFO 3.0 के आधिकारिक लॉन्च से पहले ही कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई है। अब आपको अपने नाम, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति या नौकरी छोड़ने-ज्वाइन करने की तारीख जैसे सुधारों के लिए कंपनी (Employer) के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। नई सेल्फ-सर्विस सुविधा के तहत आप यह सभी जानकारियां घर बैठे खुद ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं। यह सुविधा कितनी सफल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल साल 2025 में ही 32 लाख से ज्यादा सदस्यों ने बिना किसी बाहरी मदद के अपनी प्रोफाइल ठीक की है।
कब से शुरू होगी यह सुविधा?
ताजा जानकारी के अनुसार, EPFO की सबसे क्रांतिकारी UPI-लिंक्ड विड्रॉल सर्विस अप्रैल 2026 तक पूरी तरह से लाइव हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कुछ चुनिंदा UPI आधारित सुविधाएं इससे पहले भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा सकती हैं, ताकि सदस्यों को धीरे-धीरे इन आधुनिक सेवाओं का अनुभव मिलना शुरू हो जाए।
क्यों जरूरी है EPFO 3.0? भविष्य का मेगा प्लान
EPFO वर्तमान में करीब ₹28 लाख करोड़ के विशाल फंड का प्रबंधन करता है। सरकार की योजना अब नए लेबर कोड के तहत केवल वेतनभोगी कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि करोड़ों गिग वर्कर्स (जैसे जोमैटो-स्विगी डिलीवरी पार्टनर) और असंग 'gathit क्षेत्र के मजदूरों को भी पीएफ और पेंशन के दायरे में लाने की है। इतने बड़े पैमाने पर सदस्यों को संभालने के लिए एक मजबूत और फ्यूचर-प्रूफ सिस्टम की जरूरत है, और EPFO 3.0 इसी भविष्य की तैयारी है।