Patna University Election 2026 : पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव पर हाई वोल्टेज ड्रामा पहले हुआ स्थगित, फिर भारी हंगामे के बाद प्रशासन ने वापस लिया फैसला
News India Live, Digital Desk : पटना विश्वविद्यालय (PU) छात्र संघ चुनाव को लेकर शनिवार को कैंपस में जबरदस्त राजनीतिक हलचल रही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले अनुशासनहीनता और आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला देते हुए 28 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया था। हालांकि, इस फैसले के तुरंत बाद छात्र नेताओं के उग्र विरोध और घेराबंदी के आगे झुकते हुए प्रशासन को अपना आदेश वापस लेना पड़ा।
1. क्यों टला था चुनाव? (The Reason for Postponement)
विश्वविद्यालय द्वारा जारी पहली अधिसूचना में चुनाव स्थगित करने के पीछे कई "अमर्यादित और अप्रत्याशित" घटनाओं का जिक्र किया गया था:
प्रोफेसर के साथ मारपीट: शनिवार सुबह पटना साइंस कॉलेज में चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों के एक गुट ने अंग्रेजी के एक प्रोफेसर के साथ क्लासरूम में कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की।
वीमेंस कॉलेज में घुसपैठ: कुछ दिन पहले छात्रों का एक दल बिना अनुमति के पटना वीमेंस कॉलेज परिसर में घुस गया और जमकर नारेबाजी की, जो चुनाव आचार संहिता का सीधा उल्लंघन था।
महंगी गाड़ियां और पोस्टर: नियमों के खिलाफ जाकर महंगी गाड़ियों से शक्ति प्रदर्शन और छपे हुए बैनर-पोस्टर के इस्तेमाल की शिकायतें भी मिली थीं।
2. भारी बवाल और यू-टर्न (The Protest and Reinstatement)
जैसे ही चुनाव टलने की खबर फैली, कैंपस 'जंग का मैदान' बन गया। विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय के बाहर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
घेराबंदी: गुस्साए छात्रों ने कुलपति की गाड़ी रोक दी और देर शाम तक परिसर में डटे रहे।
आदेश वापस: बिगड़ते हालात और छात्रों के भारी दबाव को देखते हुए DSW योगेंद्र कुमार वर्मा ने हस्तलिखित (Handwritten) पत्र जारी कर घोषणा की कि चुनाव अब पूर्व निर्धारित तिथि यानी 28 फरवरी 2026 को ही होंगे।
3. PUSU चुनाव 2026: महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)
| कार्यक्रम | नई/पुरानी तिथि |
|---|---|
| मतदान (Voting) | 28 फरवरी 2026 |
| परिणाम (Result) | 28 फरवरी की रात/1 मार्च |
| प्रेसिडेंशियल डिबेट | 25 फरवरी (पुनर्विचार अधीन) |
4. प्रशासन की चेतावनी: अब होगी कड़ी कार्रवाई
भले ही चुनाव की तारीखें बहाल कर दी गई हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच कमेटी: साइंस कॉलेज की घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सीसीटीवी निगरानी: पूरे कैंपस और मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी से पैनी नजर रखी जा रही है।