पतंजलि शिक्षा परिषद बनाम UP बोर्ड यूपी की नई शिक्षा नीति में क्या बड़ा बदलाव आने वाला है? जानें पूरा सच

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में शिक्षा को लेकर एक बड़ी चर्चा चल रही है, जिसने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों, सभी का ध्यान खींचा हुआ है। खबरें गर्म हैं कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, और इसी बीच बाबा रामदेव के पतंजलि शिक्षा परिषद (Patanjali Shiksha Parishad) को बढ़ावा देने की बातों ने सबको चौंका दिया है। आखिर क्या है पूरा मामला, और इस पर यूपी की योगी सरकार का क्या कहना है? आइए समझते हैं।

यूपी बोर्ड और पतंजलि शिक्षा बोर्ड: नई शिक्षा की बहस

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, जिसे हम यूपी बोर्ड के नाम से जानते हैं, देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड्स में से एक है। इसकी एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन समय-समय पर इसमें सुधार की ज़रूरत महसूस की जाती रही है। इसी बीच, बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ द्वारा चलाए जा रहे 'पतंजलि शिक्षा परिषद' को बढ़ावा दिए जाने की खबरें सुर्खियाँ बटोर रही हैं। यह बोर्ड भारतीय संस्कृति, योग और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित शिक्षा प्रणाली पर जोर देता है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यूपी सरकार इस नए शिक्षा बोर्ड को राज्य में सक्रिय रूप से बढ़ावा देकर, शिक्षा में भारतीय मूल्यों और पारंपरिक विषयों को अधिक महत्व देना चाहती है। पतंजलि बोर्ड में बच्चों को योग, वेद, संस्कृत जैसे विषयों की शिक्षा आधुनिक विषयों के साथ दी जाती है। कुछ लोगों का मानना है कि यह कदम नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के तहत हो सकता है, जहाँ पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा में लाने की बात कही गई है।

क्या कहना है यूपी योगी सरकार का?

इस पूरे मसले पर यूपी की योगी सरकार का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या वे यूपी बोर्ड को खत्म करने जा रहे हैं। अभी तक किसी भी आधिकारिक बयान में यह नहीं कहा गया है कि यूपी बोर्ड को बंद कर दिया जाएगा। हालाँकि, सरकार निश्चित तौर पर शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और पारंपरिक मूल्यों को शामिल करने पर ज़ोर दे रही है। यह संभावना जताई जा रही है कि पतंजलि शिक्षा परिषद जैसी संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें, विशेषकर भारतीय ज्ञान और योग को बढ़ावा देने में।

हालांकि, एक बड़े शिक्षा बोर्ड को पूरी तरह खत्म कर देना कोई आसान फैसला नहीं होता, और न ही ऐसा तुरंत संभव है। ये बातें अभी अटकलों और चर्चाओं के दौर में हैं। सरकार की प्राथमिकता हमेशा यह रहती है कि राज्य के सभी बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। अब देखना यह होगा कि यूपी सरकार शिक्षा के इस भविष्य को लेकर क्या बड़ा कदम उठाती है।