Pappu Yadav Arrested: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, पटना पुलिस ने 31 साल पुराने मामले में की कार्रवाई; जानें क्या है पूरा विवाद
पटना। बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) को पटना पुलिस ने शुक्रवार को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी साल 1995 के एक पुराने मामले में की गई है, जिसमें अदालत द्वारा जारी वारंट के बावजूद सांसद पेश नहीं हुए थे। गिरफ्तारी के बाद बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है, वहीं पप्पू यादव ने इस कार्रवाई को सरकार की साजिश करार दिया है।
31 साल पुराना मामला और गंभीर धाराएं
पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मामला पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन से संबंधित है। 1995 में दर्ज इस मुकदमे में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं:
लगी हैं ये धाराएं: पुराने आईपीसी (अब भारतीय न्याय संहिता) की धारा 419, 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 448 (अतिचार), 506 (धमकी) और 120बी (साजिश)।
वारंट क्यों जारी हुआ: मामला पटना की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में चल रहा है। निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश न होने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था।
'NEET छात्रों की आवाज उठाने की मिल रही सजा': पप्पू यादव
गिरफ्तारी से ठीक पहले पप्पू यादव ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया।
"बिहार पुलिस ने मेरे खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि मैं NEET परीक्षार्थियों के हक के लिए और उनके साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहा था। मैं न झुकूंगा और न चुप रहूंगा।" - पप्पू यादव
मेडिकल चेकअप के बाद कोर्ट में पेशी
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुलिस की एक टीम सांसद के आवास पर भेजी गई थी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य: एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि पप्पू यादव के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। उनके केयरटेकर साथ हैं और जरूरी चिकित्सा सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।
अगली प्रक्रिया: गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।