UPI New Rules 2026: बदल गए डिजिटल पेमेंट के नियम! अब यूपीआई ट्रांजैक्शन से पहले जान लें ये 3 बातें, वरना फंस सकता है पैसा
टेक डेस्क। भारत में डिजिटल क्रांति का चेहरा बन चुका UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो गया है। बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड (Cyber Fraud) और ट्रांजैक्शन के भारी लोड को देखते हुए पेमेंट सिस्टम में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अगर आप भी गूगल पे (Google Pay), फोन पे (PhonePe) या पेटीएम (Paytm) का इस्तेमाल करते हैं, तो ये नए नियम आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। इन नियमों की अनदेखी आपके बैंक खाते और ट्रांजैक्शन पर असर डाल सकती है।
आइए जानते हैं UPI के वे महत्वपूर्ण बदलाव जो आपकी सुरक्षा और जेब से जुड़े हैं:
1. डेली ट्रांजैक्शन लिमिट: बैंक तय करेंगे सीमा
अब हर यूजर के लिए एक ही लिमिट लागू नहीं होगी। अलग-अलग बैंकों और पेमेंट ऐप्स ने अपनी डेली ट्रांजैक्शन लिमिट तय कर दी है।
क्या है नियम: आप एक दिन में कितनी अधिकतम राशि भेज सकते हैं और कितनी बार ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, यह पूरी तरह आपकी बैंक पॉलिसी पर निर्भर करेगा।
सावधानी: किसी को बड़ी रकम भेजने से पहले अपने बैंक की दैनिक सीमा जरूर चेक कर लें, ताकि ट्रांजैक्शन फेल होने की नौबत न आए।
2. सिक्योरिटी और वेरिफिकेशन: अब और भी सख्त
ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए UPI PIN और डिवाइस वेरिफिकेशन सिस्टम को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत (Robust) बनाया गया है।
वेरिफिकेशन: अब नए डिवाइस या सिम बदलने पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अधिक सख्त होगी।
अलर्ट: किसी भी अनजान लिंक, पेमेंट रिक्वेस्ट या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन करने से बचें। याद रखें, पैसा प्राप्त करने के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होती है। एक बार गलती से किया गया ट्रांजैक्शन तुरंत वापस पाना बेहद मुश्किल होता है।
3. ऑटो-पे और रिकरिंग पेमेंट: बिना मंजूरी नहीं कटेगा पैसा
म्यूचुअल फंड, ओटीटी सब्सक्रिप्शन या बिजली बिल जैसे ऑटो-डेबिट (Auto-Pay) पेमेंट के लिए अब सख्त गाइडलाइंस लागू हैं।
नया बदलाव: तय सीमा से अधिक की राशि कटने पर बैंक अब यूजर को एडवांस नोटिफिकेशन भेजेगा। बिना आपके कन्फर्मेशन के बड़ी राशि का ऑटो-पेमेंट प्रोसेस नहीं होगा। इससे आपके खाते से अनचाहे पैसे कटने पर लगाम लगेगी।
सुरक्षित UPI ट्रांजैक्शन के लिए 5 गोल्डन टिप्स:
अपना UPI PIN किसी के साथ साझा न करें।
समय-समय पर अपना पिन बदलते रहें।
केवल विश्वसनीय ऐप्स और आधिकारिक स्टोर से ही पेमेंट ऐप डाउनलोड करें।
पेमेंट करने से पहले प्राप्तकर्ता (Receiver) का नाम स्क्रीन पर जरूर चेक करें।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक या 1930 साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।