Pannun Case : निखिल गुप्ता ने कबूला अपना गुनाह क्या अब अमेरिका में होगी 20 साल की जेल?

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News India Live, Digital Desk: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannun) की हत्या की कथित साजिश के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (Nikhil Gupta), जिसे चेक रिपब्लिक से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था, उसने अब अमेरिकी अदालत में अपना जुर्म स्वीकार करने का संकेत दिया है। इस घटनाक्रम ने भारत और अमेरिका के कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

क्या है पूरा विवाद और अमेरिकी मांग?

अमेरिकी अभियोजकों (Prosecutors) का आरोप है कि निखिल गुप्ता ने एक कथित 'भारतीय सरकारी अधिकारी' के निर्देश पर पन्नू की हत्या के लिए एक 'हिटमैन' (शूटर) को पैसे देने की कोशिश की थी।

सीक्रेट ऑपरेशन: जिस व्यक्ति को निखिल ने शूटर समझा, वह असल में अमेरिकी जांच एजेंसी DEA (Drug Enforcement Administration) का अंडरकवर एजेंट निकला।

प्रत्यर्पण (Extradition): लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पिछले साल निखिल को प्राग से न्यूयॉर्क लाया गया था।

कितने साल की हो सकती है सजा?

निखिल गुप्ता पर मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप हैं:

'मर्डर फॉर हायर' (Murder-for-hire): किसी को हत्या के लिए सुपारी देना।

साजिश रचना (Conspiracy): हत्या की प्लानिंग में शामिल होना।

यदि अदालत इन आरोपों के तहत उसे दोषी करार देती है, तो अमेरिकी कानून के मुताबिक उसे अधिकतम 20 साल की जेल हो सकती है। हालांकि, 'प्ली बार्गेन' (Plea Bargain) यानी अपराध कबूल करने की स्थिति में सजा कम होने की संभावना बनी रहती है।

भारत सरकार का पक्ष

भारत सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। हालांकि, अमेरिका द्वारा सबूत साझा किए जाने के बाद भारत ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति (High-level Inquiry Committee) का गठन किया है जो इस मामले के तथ्यों की पड़ताल कर रही है।