झारखंड में समय पर होंगे पंचायत चुनाव 27% OBC आरक्षण के साथ होगा शंखनाद, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का बड़ा एलान
News India Live, Digital Desk: झारखंड की सियासत से जुड़ी एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न कराए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि इस बार चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। सरकार के इस कदम को मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से ओबीसी समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर मुखर था।
'ट्रिपल टेस्ट' के बाद आरक्षण का रास्ता साफ
पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर कानूनी पेचीदगियों पर विराम लगाते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार ने सभी तकनीकी पहलुओं और 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रियाओं को ध्यान में रखा है। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और आंकड़ों के आधार पर ही 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और वार्डों के परिसीमन का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए ताकि चुनाव आयोग को समय पर प्रस्ताव भेजा जा सके।
गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मंत्री ने जोर देकर कहा कि पंचायत चुनाव समय पर होने से ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में 15वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन और उपयोग में जो बाधाएं आती हैं, वे अब दूर हो जाएंगी। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा, "हमारी सरकार जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ओबीसी वर्ग को उनका हक देकर हम सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतार रहे हैं।" इस घोषणा के बाद ग्रामीण इलाकों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
विपक्षी खेमे में खलबली, तैयारी में जुटे दल
झारखंड में पंचायत चुनाव की आहट और 27% ओबीसी आरक्षण के एलान ने विपक्षी दलों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। भाजपा और अन्य दल जहां इस फैसले को देरी से लिया गया कदम बता रहे हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन इसे अपनी बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव के नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल साबित हो सकते हैं। फिलहाल, ग्रामीण विकास विभाग ने जिलों को पत्र भेजकर चुनाव की तैयारियों का खाका तैयार करने को कह दिया है।