Panchang 16 January : शाम को दीप जलाते वक्त मांगें दुआ, क्योंकि आज भोलेनाथ और शुक्र दोनों मेहरबान हैं

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News India Live, Digital Desk: हमारी भारतीय संस्कृति में हर सुबह का अपना एक महत्व होता है, लेकिन कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो अपने साथ त्यौहार जैसा माहौल लेकर आती हैं। 16 जनवरी 2026 का पंचांग कुछ ऐसा ही इशारा कर रहा है। यह दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है जो भोलेनाथ में आस्था रखते हैं और साथ ही उन लोगों के लिए भी जो जीवन में सुख-समृद्धि चाहते हैं।

चलिए, बिना किसी भारी-भरकम ज्योतिषीय भाषा के, सीधे समझते हैं कि आज के दिन गृहों और नक्षत्रों का क्या खेल चल रहा है और आपको अपनी दिनचर्या में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सोने पे सुहागा: प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का मिलन
आज का दिन इसलिए खास है क्योंकि आज दो बहुत ही पवित्र व्रत एक साथ आए हैं। एक है प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) और दूसरा है मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत इंसान को बीमारियों और दुश्मनों से बचाता है, वहीं शिवरात्रि मन की शांति और खुशहाल गृहस्ती का वरदान देती है। चूँकि आज शुक्रवार है, तो माता लक्ष्मी और संतोषी माता का भी दिन है। यानी आज पूजा करने का मतलब है भोलेनाथ की सादगी और मां लक्ष्मी की समृद्धि, दोनों का आशीर्वाद मिलना।

पूजा का सबसे सही वक्त (शुभ मुहूर्त)
हम अक्सर सोचते हैं कि "पूजा कभी भी कर लो, भगवान तो सब जानते हैं।" बात सही है, लेकिन 'शुभ मुहूर्त' उस समय को कहते हैं जब वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Vibes) सबसे ज्यादा होती है।

  • अभिजीत मुहूर्त: अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या कोई अच्छी खरीदारी करना चाहते हैं, तो दोपहर का समय (आमतौर पर 12 बजे के आसपास) सबसे उत्तम माना जाता है।
  • प्रदोष काल: चूंकि आज प्रदोष है, तो असली पूजा का वक्त शाम (Sunset) का है। सूर्यास्त के तुरंत बाद का समय शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। एक लोटा जल और बेलपत्र से भी महादेव प्रसन्न हो जाते हैं।

जरा संभलकर! (राहुकाल का ध्यान रखें)
हर दिन का एक ऐसा समय भी होता है, जिसे ज्योतिष में 'राहुकाल' कहा जाता है। इसे थोड़ा अशुभ या 'नेगेटिव' माना जाता है। बुजुर्ग हमेशा सलाह देते हैं कि इस दौरान कोई नया बिज़नेस, सफर या मंगल कार्य शुरू न करें।
शुक्रवार को राहुकाल आमतौर पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच रहता है। तो कोशिश करें कि इस डेढ़ घंटे में आप अपनी रूटीन के सामान्य काम ही करें, कोई बड़ा रिस्क न लें।

आज क्या खास करें?
आज का दिन चिंताओं को छोड़ने का है। अगर मन भारी है, तो शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। सफेद मिठाई या दूध से बनी चीजों का भोग लगाएं। शिव मंत्रों का जाप करें। यह छोटा सा प्रयास आपके मन को वो सुकून देगा जो शायद बड़ी-बड़ी पार्टियों में भी न मिले।