Pakistan Crisis: पाकिस्तान पर टूटा मुसीबतों का पहाड़! दुबई ने आम नागरिकों के लिए बंद किए दरवाजे, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

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Pakistan Crisis: आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक और बहुत बुरी खबर आई है। यह झटका किसी दुश्मन देश ने नहीं, बल्कि उसके दोस्त माने जाने वाले 'संयुक्त अरब अमीरात' (UAE) ने दिया है। मामला वीजा का है।

खबर यह है कि यूएई ने आम पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना लगभग बंद कर दिया है। यह कोई अफवाह नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने खुद संसद की एक कमेटी के सामने इस बात को कबूला है। उन्होंने दबी जुबान में यह भी माना कि पाकिस्तान "पासपोर्ट बैन" होते-होते बचा है, जो अगर लग जाता तो हटाना नामुमकिन हो जाता।

आइये, आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा माजरा क्या है और क्यों पाकिस्तानी नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

1. आम आदमी पर गाज, अफसरों की मौज
पाकिस्तान की सीनेट (संसद) में हुए खुलासे के मुताबिक, यूएई सरकार अभी सिर्फ 'ब्लू पासपोर्ट' और 'डिप्लोमैटिक पासपोर्ट' वालों को ही वीजा दे रही है।
अब आप पूछेंगे कि ये ब्लू पासपोर्ट क्या है? दरअसल, पाकिस्तान में सरकारी अधिकारियों और रसूखदार लोगों को नीला (Blue) पासपोर्ट मिलता है, जबकि आम जनता के पास हरा (Green) पासपोर्ट होता है। यानी, अगर कोई बड़ा नेता या अफसर है तो उसे एंट्री मिल जाएगी, लेकिन कोई आम नागरिक वहां घूमने या नौकरी खोजने जाना चाहे, तो उसके लिए दरवाजे बंद हैं।

2. आखिर क्यों नाराज है यूएई? (असली वजह)
संसद की मानवाधिकार कमेटी की चेयरमैन समीना मुमताज ज़ैहरी ने इसके पीछे की जो वजह बताई, वो पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी की बात है। उनका कहना है कि यूएई को चिंता है कि पाकिस्तान से आने वाले कई लोग वहां जाकर गलत कामों में शामिल हो रहे हैं।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि टूरिस्ट वीजा पर गए पाकिस्तानी वहां जाकर या तो भीख मांगने लगते हैं या फिर छोटी-मोटी चोरी और आपराधिक गतिविधियों (Crime) में पकड़े जाते हैं। यही वजह है कि अब आम लोगों के वीजा ऐप्लकेशन को रिजेक्ट किया जा रहा है या लटकाया जा रहा है।

3. "बड़ी मुश्किल से मिला है थोड़ा सा वीजा"
अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में बहुत मशक्कत करने के बाद गिने-चुने वीजा अप्रूव हुए हैं। हालांकि, यूएई की तरफ से यह भी कहा गया है कि वे अपने वीजा सिस्टम को ऑनलाइन और आधुनिक बना रहे हैं। अब पासपोर्ट पर ठप्पा नहीं लगेगा, बल्कि ई-वीजा मिलेगा। एक नए सेंटर में रोज 500 वीजा प्रोसेस करने की बात भी कही गई है, लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि अभी भी पाकिस्तानी नागरिकों को सख्ती का सामना करना पड़ रहा है।

4. अर्थव्यवस्था की टूटेगी कमर
पाकिस्तान के लाखों लोग यूएई में काम करते हैं और वहां से पैसा (Remittance) अपने देश भेजते हैं, जिससे पाकिस्तान की डगमगाती अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है। अगर वीजा की यह सख्ती लंबे समय तक चली, तो न सिर्फ बेरोजगारी बढ़ेगी, बल्कि पाकिस्तान को होने वाली विदेशी कमाई पर भी गहरा असर पड़ेगा।

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