Pak-Afgan War : अफगानिस्तान भारत का प्रॉक्सी बन गया है, युद्ध के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा आरोप

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News India Live, Digital Desk : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी खूनी संघर्ष अब बयानों की जंग में तब्दील हो गया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि अफगानिस्तान, भारत के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान सरकार भारत की 'प्रॉक्सी' (Proxy) के रूप में पाकिस्तान को अस्थिर करने की साजिश रच रही है।

"भारत की गोद में खेल रहा है काबुल"

पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि डूरंड लाइन पर जो कुछ भी हो रहा है, उसके पीछे 'विदेशी ताकतों' का हाथ है। उन्होंने बिना किसी सबूत के यह दावा किया कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचने के लिए किया जा रहा है और इसमें भारत की खुफिया एजेंसियां मदद कर रही हैं।

'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' और भारत का जिक्र

पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के बीच यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा है कि वह केवल तालिबान से नहीं लड़ रहा, बल्कि वह एक 'विदेशी साजिश' का जवाब दे रहा है।

ख्वाजा आसिफ का तर्क: "अफगानिस्तान को यह समझना होगा कि वह पड़ोसियों के साथ दुश्मनी मोल लेकर भारत के हितों की रक्षा नहीं कर सकता।"

तालिबान का रुख: दूसरी ओर, अफगान तालिबान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भारत का नाम ले रहा है।

सीमा पर युद्ध जैसे हालात

वर्तमान में स्थिति यह है कि पाकिस्तान ने काबुल और जलालाबाद जैसे इलाकों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। जवाब में तालिबान ने भी पाकिस्तानी चौकियों पर भारी गोलाबारी की है। पाकिस्तान के इस नए 'भारतीय प्रॉक्सी' वाले आरोप से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करेगा।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान उसकी पुरानी रणनीति का हिस्सा है। जब भी पाकिस्तान आंतरिक या सीमावर्ती मोर्चों पर घिरता है, वह अक्सर भारत का नाम लेकर अपनी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है। हालांकि, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह सीधा टकराव अब एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले चुका है।