IIT Admission 2026: क्या आपका भी है IIT में पढ़ने का सपना? फॉर्म भरने से पहले जान लें ये 5 कड़े नियम, वरना हाथ से निकल जाएगा मौका
देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में दाखिला लेना हर इंजीनियरिंग छात्र का सपना होता है। इसे इंजीनियरिंग का 'मक्का' माना जाता है, लेकिन यहाँ तक पहुँचने की राह इतनी आसान नहीं है। अगर आप भी साल 2026 में IIT की दहलीज पर कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि केवल पढ़ाई ही काफी नहीं है। आपकी जन्मतिथि और कुछ विशेष पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) आपके भविष्य का फैसला कर सकते हैं।
उम्र की सीमा: कहीं आप इस 'डेडलाइन' से बाहर तो नहीं?
IIT में प्रवेश के लिए आयु सीमा एक ऐसा पैमाना है जहाँ छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, सामान्य (General) और OBC-NCL वर्ग के केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिनका जन्म 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद हुआ है। अगर आपका जन्म इस तारीख से एक दिन पहले भी हुआ है, तो आप परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, सरकार के नियमों के मुताबिक SC, ST और PwD वर्ग के छात्रों को 5 साल की विशेष छूट दी गई है, यानी उनका जन्म 1 अक्टूबर 1996 या उसके बाद होना चाहिए।
JEE Main के टॉप 2.5 लाख में आना है अनिवार्य
IIT की मुख्य परीक्षा यानी JEE Advanced तक पहुँचने का रास्ता JEE Main से होकर गुजरता है। आपकी मेहनत का असली इम्तिहान यहीं होता है। नियमों के मुताबिक, JEE Main (Paper-1) के नतीजों में अपनी कैटेगरी के आधार पर जो छात्र शीर्ष 2,50,000 (ढाई लाख) उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल होंगे, केवल उन्हें ही JEE Advanced लिखने का सुनहरा मौका मिलेगा।
जिंदगी में मिलेंगे केवल दो ही मौके
याद रखिए, IIT आपको बार-बार आजमाने का मौका नहीं देता। नियमों के तहत, एक अभ्यर्थी अपने पूरे जीवनकाल में केवल दो बार ही JEE Advanced की परीक्षा में शामिल हो सकता है। खास बात यह है कि ये दोनों प्रयास लगातार दो वर्षों में ही होने चाहिए। अगर आप इन दो प्रयासों को गंवा देते हैं, तो IIT का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह सकता है।
12वीं परीक्षा का साल और अंकों का गणित
शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। 2026 की परीक्षा के लिए केवल वही छात्र योग्य माने जाएंगे जिन्होंने अपनी 12वीं या समकक्ष परीक्षा पहली बार साल 2025 या 2026 में दी हो। अगर आपने 2024 या उससे पहले 12वीं पास की है, तो आप इस रेस से बाहर हैं। इसके अलावा, 12वीं में कम से कम 75% अंक (SC/ST/PwD के लिए 65%) लाना या अपने बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में जगह बनाना अनिवार्य है।
एक बार मिला दाखिला तो दोबारा नहीं मिलेगा मौका
IIT का एक बेहद सख्त नियम यह भी है कि यदि किसी छात्र ने पहले कभी किसी IIT में सीट स्वीकार की है या प्रवेश लिया है, तो वह दोबारा इस परीक्षा में नहीं बैठ सकता। चाहे आपने प्रवेश लेने के बाद सीट छोड़ ही क्यों न दी हो, आप फिर से आवेदन करने के हकदार नहीं रहेंगे। इसलिए, अपनी चॉइस फिलिंग और काउंसिलिंग के समय बेहद सावधानी बरतें।