हम इसे कुचल देंगे क्या अफगानिस्तान के साथ आर-पार की जंग के मूड में हैं शाहबाज शरीफ? पाकिस्तान की खुली चेतावनी
News India Live, Digital Desk : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब बारूद के ढेर पर पहुंच गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। शाहबाज के इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या दक्षिण एशिया में एक और 'बड़े युद्ध' की शुरुआत होने वाली है?
शाहबाज शरीफ का कड़ा संदेश: "दुश्मन को बख्शेंगे नहीं"
तालिबान के साथ सीमा पर जारी हिंसक झड़पों के बीच प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने सीधे तौर पर अफगानिस्तान का नाम लिए बिना कहा:"अगर हमारी संप्रभुता को चुनौती दी गई या हमारी धरती पर हमला हुआ, तो हम उसे कुचल देंगे। पाकिस्तान अब किसी भी तरह के सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।"
युद्ध की ओर क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान?
पाकिस्तान सरकार और सेना का मानना है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार न केवल टीटीपी (TTP) आतंकियों को पनाह दे रही है, बल्कि अब डूरंड लाइन पर सीधे हमले भी कर रही है।
ऑपरेशन का दबाव: पाकिस्तानी सेना ने पहले ही 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के जरिए अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है।
अस्तित्व की लड़ाई: शाहबाज शरीफ के लिए यह केवल सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक साख की भी लड़ाई बन गई है, क्योंकि देश के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन पर भारी दबाव है।
तालिबान का पलटवार: "धमकियों से नहीं डरते"
दूसरी ओर, काबुल में बैठी तालिबान सरकार ने शाहबाज शरीफ के इस बयान को 'बचकानी धमकी' करार दिया है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने अपनी सैन्य आक्रामकता नहीं रोकी, तो इसका अंजाम गंभीर होगा।
क्या रुक पाएगी यह जंग?
जानकारों का मानना है कि शाहबाज शरीफ का यह 'युद्ध जैसा तेवर' पाकिस्तान की खराब आर्थिक स्थिति के बीच एक बड़ा जोखिम है। एक तरफ देश डिफॉल्ट की कगार पर है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी के साथ 'फुल-स्केल वॉर' पाकिस्तान को और गहरे संकट में डाल सकती है। संयुक्त राष्ट्र और चीन इस तनाव को कम करने के लिए पर्दे के पीछे से कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।