Pahadi Raita Recipe : स्वाद का जादू घर पर ऐसे बनाएं एकदम असली पहाड़ी रायता, उंगलियां चाटते रह जाएंगे मेहमान
News India Live, Digital Desk: उत्तराखंड की हसीन वादियों की सैर हो और वहां का चटपटा पहाड़ी रायता न चखा जाए, तो सफर अधूरा सा लगता है। पहाड़ की शादियों से लेकर हर खास मौके की शान होने वाला यह रायता अपने तीखेपन और अनोखी खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली पीली सरसों (राई) है, जो नाक में एक अलग सी झनझनाहट पैदा करती है। अगर आप भी अपने खाने की थाली में वही पहाड़ी स्वाद लाना चाहते हैं, तो अब आपको उत्तराखंड जाने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की सबसे आसान और ऑथेंटिक रेसिपी।
पहाड़ी रायते के लिए जरूरी सामग्री
पहाड़ी रायता बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है, बस कुछ चुनिंदा चीजों से ही यह तैयार हो जाता है। आपको चाहिए: ताजा गाढ़ा दही (500 ग्राम), बड़ी पहाड़ी ककड़ी (खीरा), पीली सरसों के दाने (2 बड़े चम्मच), हरी मिर्च (3-4), ताज़ा हरा धनिया, हल्दी पाउडर (आधा चम्मच), नमक स्वादानुसार और थोड़ा सा काला नमक। ध्यान रहे कि खीरा अगर थोड़ा बड़ा और पीला हो, तो रायता और भी स्वादिष्ट बनता है।
बनाने की विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सबसे पहले खीरे को धोकर छील लें और इसे कद्दूकस (Grating) कर लें। कद्दूकस करने के बाद खीरे का अतिरिक्त पानी निचोड़कर अलग कर दें। अब असली खेल शुरू होता है मसालों का। पीली सरसों, हरी मिर्च और हरे धनिये को सिलबट्टे पर पीसकर एक दरदरा पेस्ट तैयार करें (मिक्सी का उपयोग कम ही करें क्योंकि सिलबट्टे का स्वाद अलग होता है)। अब एक बड़े बर्तन में दही को अच्छी तरह फेंट लें और उसमें यह तैयार पेस्ट, हल्दी पाउडर, सादा नमक और काला नमक मिला दें। अंत में इसमें कद्दूकस किया हुआ खीरा डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
रायते में हल्दी और सरसों का क्या है महत्व?
अक्सर लोग रायते में हल्दी डालने से झिझकते हैं, लेकिन पहाड़ी रायते का पारंपरिक पीला रंग हल्दी से ही आता है। यह न केवल दिखने में सुंदर लगता है, बल्कि इसके औषधीय गुण पाचन में भी मदद करते हैं। वहीं पीली सरसों को पीसकर डालने से जो तीखापन उभरता है, वही इस रायते की जान है। रायता बनाने के बाद इसे करीब 15-20 मिनट के लिए रख दें, ताकि सरसों की तेजी दही में अच्छी तरह रच-बस जाए।
सर्विंग टिप: किसके साथ जमेगा इसका रंग?
तैयार पहाड़ी रायते को ऊपर से बारीक कटे हरे धनिये से सजाएं। उत्तराखंड में इसे मुख्य रूप से 'आलू के गुटके', 'पुलाव' या 'मंडुए की रोटी' के साथ परोसा जाता है। हालांकि, आप इसे सादे दाल-चावल या परांठे के साथ भी खा सकते हैं। यह रायता आपके साधारण खाने के स्वाद को भी दोगुना कर देगा। तो अगली बार जब घर में मेहमान आएं, तो उन्हें रायते का यह पहाड़ी तड़का जरूर चखाएं।