Rajasthan Assembly : सदन में भिड़े लाल सीएम भजनलाल के तीखे वार से तिलमिलाई कांग्रेस, बजट चर्चा के बीच विपक्ष का वॉकआउट

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान विधानसभा में 22 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान जबरदस्त सियासी पारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सदन में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला, जिससे नाराज होकर विपक्षी दल (कांग्रेस) ने सदन से वॉकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने पिछली गहलोत सरकार की योजनाओं और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'खोखली' करार दिया।

सीएम भजनलाल का वार: "कांग्रेस ने जनता को भ्रम में रखा"

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट पर जवाब देते हुए कहा कि पिछली सरकार ने केवल घोषणाओं की राजनीति की, जबकि धरातल पर काम शून्य रहा। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:

कागजी योजनाएं: सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए ऐसी योजनाएं बनाईं जिनका कोई वित्तीय बजट ही नहीं था।

भ्रष्टाचार पर प्रहार: पेपर लीक और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।

** ERCP का श्रेय:** सीएम ने ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जो काम कांग्रेस दशकों में नहीं कर पाई, हमने उसे कुछ महीनों में धरातल पर उतार दिया।

विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट (Opposition Protest)

जैसे ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की कार्यशैली पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में आने की कोशिश की।

कांग्रेस का तर्क: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री विकास के मुद्दों पर बोलने के बजाय केवल विपक्ष को कोसने का काम कर रहे हैं।

सदन से बाहर: अपनी बात रखने का मौका न मिलने और मुख्यमंत्री के 'आक्रामक' रवैये का विरोध करते हुए पूरी कांग्रेस पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

विधानसभा की मौजूदा स्थिति

सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 का यह बजट सत्र आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा और कांग्रेस के बीच 'शक्ति प्रदर्शन' का मैदान बन गया है।