Omar Abdullah vs Shehbaz Sharif : जो है उसे तो संभाल नहीं पा रहे, हमारा क्या करेंगे? उमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान को करारा जवाब सिंधु जल संधि पर भी दी प्रतिक्रिया

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News India Live, Digital Desk : पाकिस्तान में 'कश्मीर एकजुटता दिवस' (5 फरवरी, 2026) के मौके पर शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा, जिस पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर तंज कसा।

1. "जो उनके पास है, वो संभलता नहीं"

शहबाज शरीफ ने गुलाम कश्मीर (PoK) की विधानसभा में कहा था कि "कश्मीर एक दिन पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।" इस पर उमर अब्दुल्ला ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा:

तंज: "वे (पाकिस्तान) कहते हैं कि हम उनका हिस्सा बनेंगे? सच तो यह है कि उनके पास जो (PoK) है, वे उसे भी ठीक से संभाल नहीं पा रहे हैं। उनकी अपनी व्यवस्था चरमराई हुई है, वे हमारा क्या करेंगे?"

महत्व पर सवाल: उमर ने पत्रकारों से यह भी पूछा कि "आप लोग उनके बयानों को इतनी अहमियत क्यों देते हैं? उनके कहने से कुछ बदलने वाला नहीं है।"

2. सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर रुख

भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित (Abeyance) रखने के फैसले के संदर्भ में भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी।

सीमित लाभ: उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हालांकि संधि स्थगित है, लेकिन जम्मू-कश्मीर को अब तक इसका कोई सीधा बड़ा लाभ नहीं मिला है।

चल रही परियोजनाएं: उन्होंने स्पष्ट किया कि रतले (Ratle) और पाकल दुल (Pakal Dul) जैसी निर्माणाधीन परियोजनाओं के डिजाइन या बिजली उत्पादन क्षमता पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उनके मापदंड पहले ही तय हैं।

भविष्य की उम्मीद: हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि संधि स्थगित रहती है, तो भविष्य की परियोजनाओं में वॉटर मैनेजमेंट को लेकर राज्य को अधिक लचीलापन (Flexibility) मिल सकता है।

3. आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

उमर अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के सामान्य होने की संभावना को फिलहाल खारिज कर दिया।

पहलगाम हमला: उन्होंने पिछले साल (2025) हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है।

इरादों पर शक: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले खुद को आरोपों से बचाने की कोशिश करता है और फिर जांच का दिखावा करता है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ा तनाव?

2025 का संघर्ष: मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संक्षिप्त सैन्य तनाव के बाद से रिश्ते और तल्ख हुए हैं।

संधि का निलंबन: भारत ने पहलगाम हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के विरोध में सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिसे लेकर पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार लगा रहा है।