उत्तर प्रदेश में अब सफ़र होगा और भी आसान, बनने जा रहा है एक नया एक्सप्रेसवे

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उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के हर हिस्से से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। सड़कों का जाल बिछाने पर ख़ास ज़ोर दिया जा रहा है, और यही वजह है कि आज यूपी देश में सबसे ज़्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। अब इसी कड़ी में एक और नया लिंक एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जो सफ़र को और भी तेज़ और आरामदायक बना देगा।

यह नया एक्सप्रेसवे लगभग 90 किलोमीटर लम्बा होगा। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत इसकी लागत है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह उत्तर प्रदेश के सबसे महंगे एक्सप्रेसवे में से एक होने वाला है। इसे बनाने के लिए लगभग 7500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यानी, एक किलोमीटर सड़क बनाने में करीब 82 करोड़ रुपये का खर्च आएगा!

क्यों है यह एक्सप्रेसवे इतना महंगा?

अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर इस एक्सप्रेसवे में ऐसा क्या ख़ास है जो यह इतना महंगा बन रहा है। चलिए, हम आपको बताते हैं:

  • पानी निकासी का बेहतरीन इंतज़ाम: सड़क पर बारिश या बाढ़ का पानी जमा न हो, इसके लिए इसमें बहुत ही मॉडर्न ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा।
  • बड़े-बड़े पुल: यातायात बिना रुके चलता रहे, इसके लिए 9 बड़े पुल और 29 दूसरे बड़े ढाँचे बनाए जाएँगे।
  • जानवरों की सुरक्षा: एक्सप्रेसवे पर अचानक कोई जानवर न आ जाए, इसके लिए किनारों पर तार की फेंसिंग (बाड़) लगाई जाएगी, ताकि सफ़र सुरक्षित रहे।
  • आने-जाने के सीमित रास्ते: एक्सप्रेसवे पर कहीं से भी कोई गाड़ी न चढ़ सके, इसके लिए कुछ ही जगहों पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे बेवजह का ट्रैफ़िक नहीं होगा।
  • सर्विस रोड की सुविधा: आस-पास के गाँव वालों और स्थानीय लोगों के आने-जाने के लिए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ एक सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।

इन सभी सुविधाओं और सुरक्षा के इंतज़ामों की वजह से ही इसे बनाने में ज़्यादा खर्च आ रहा है।

किन लोगों को होगा सबसे ज़्यादा फ़ायदा?

यह नया एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े एक्सप्रेसवे - गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे - को आपस में जोड़ेगा। अभी तक इन दोनों के बीच कोई सीधा और तेज़ रास्ता नहीं था, जिससे लोगों का काफ़ी समय बर्बाद होता था।

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ और प्रयागराज के बीच आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा। साथ ही, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले लोगों को भी बहुत फ़ायदा होगा। उनका सफ़र पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ हो जाएगा।

रोज़गार के नए दरवाज़े खुलेंगे

यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ सफ़र ही आसान नहीं करेगा, बल्कि हज़ारों लोगों के लिए रोज़गार भी लेकर आएगा। जब 7500 करोड़ रुपये का काम शुरू होगा, तो इसे बनाने के लिए इंजीनियर, मज़दूर और कारीगरों की ज़रूरत पड़ेगी। और जब एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा, तब भी टोल, सर्विस रोड और दूसरी जगहों पर लोगों को काम मिलेगा।

कुल मिलाकर, यह लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की तरक्की को एक नई रफ़्तार देने वाला है। इससे न सिर्फ़ लोगों का सफ़र आसान होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूरे राज्य की आर्थिक स्थिति और मज़बूत होगी।