ठंड में अब कोई नहीं सोएगा सड़क पर! सहारनपुर प्रशासन का 'मिशन इंसानियत', 28 रैन बसेरों में होटल जैसी सुविधाएं

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सहारनपुर: सहारनपुर में जब कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने ज़िंदगी को जकड़ लिया है, तो ज़िला प्रशासन बेसहारा और ज़रूरतमंदों के लिए इंसानियत की मज़बूत ढाल बनकर आगे आया है। ज़िला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल के निर्देश पर ज़िले भर में 28 रैन बसेरे न सिर्फ़ चालू किए गए हैं, बल्कि उन्हें होटल जैसी सुविधाओं से भी लैस किया गया है, ताकि ठंड में कोई भी असुरक्षित महसूस न करे।

सिर्फ़ छत नहीं, होटल जैसा आराम

प्रशासन का दावा है कि ये रैन बसेरे सिर्फ़ कुछ समय के लिए रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि उन्होंने यहाँ रुकने वालों को पूरी इज़्ज़त और आराम देने की कोशिश की है। इन रैन बसेरों में शामिल हैं:

  • आरामदायक बिस्तर: नई रजाइयां, मोटे गद्दे और बेड की व्यवस्था की गई है।
  • गर्मी का इंतजाम: कमरों को गर्म रखने के लिए रूम हीटर लगाए गए हैं।
  • साफ-सफाई: कमरे पूरी तरह साफ-सुथरे हैं और स्वच्छता का खास ध्यान रखा गया है।
  • गर्म पानी की सुविधा: पीने के लिए गर्म और ठंडे, दोनों तरह के पानी का इंतजाम है।
  • सुरक्षा: सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रमुख रैन बसेरों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं।

रातभर घूमकर जरूरतमंदों की तलाश, ई-रिक्शा से पहुंचाया जा रहा रैन बसेरा

सबसे ज़रूरी बात यह है कि प्रशासन ने न सिर्फ़ रैन बसेरे खोले हैं, बल्कि ठंड में रात बिताने को मजबूर लोगों को सुरक्षित छत पर पहुँचाने के लिए खास अभियान भी चला रहा है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें रात भर शहर और ग्रामीण इलाकों में पेट्रोलिंग कर रही हैं। सड़कों, बस स्टैंड, चौराहों और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर सो रहे लोगों को ई-रिक्शा के ज़रिए बड़े सम्मान के साथ उठाकर शेल्टर तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि कोई भी ठंड की लहर से बीमार न पड़े।

कंबल बाँटने का अभियान जारी है

इसके साथ ही, जरूरतमंदों को ठंड से बचाने के लिए कंबल बांटने का अभियान भी तेज कर दिया गया है। प्रशासनिक टीमें घूम-घूमकर ऐसे लोगों को पहचान कर मौके पर ही कंबल दे रही हैं।

महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग इंतजाम

एक रैन बसेरे के केयरटेकर, विकास कश्यप ने बताया कि उनके केंद्र में लगभग 60 लोगों के रुकने की क्षमता है। यहां महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए अलग केबिन बनाए गए हैं। साथ ही, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की भी बेहतरीन सुविधा दी गई है।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने साफ किया है कि अधिकारी लगातार दौरे पर रहेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो और शेल्टर बनाए जाएंगे। प्रशासन की इस बड़ी पहल को कड़ाके की ठंड के बीच उम्मीद की एक किरण के तौर पर देखा जा रहा है।