अब खैर नहीं! Dream11-Rummy जैसे खेलों पर सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, खेलने-खिलाने पर होगी सीधी जेल

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ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे सट्टेबाजी और जुए के ‘काले कारोबार’ पर अब केंद्र सरकार ने अपना सबसे बड़ा और सबसे सख्त ‘हथौड़ा’ चला दिया है। सरकार अब एक ऐसा कठोर कानून ला रही है, जिसके बाद पैसे लगाकर ऑनलाइन गेम खेलने या खिलाने वालों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकेगा और उन्हें जमानत भी नहीं मिलेगी।

जी हां, यह कोई मामूली बदलाव नहीं है, यह ऑनलाइन सट्टेबाजी के खेल को जड़ से उखाड़ फेंकने की एक बड़ी और निर्णायक जंग है, जिसका सीधा असर करोड़ों यूजर्स और सैकड़ों गेमिंग कंपनियों पर पड़ेगा।

क्या है सरकार का यह नया ‘ऑपरेशन क्लीन’?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) ने ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 का नया मसौदा (Draft Rules) जारी किया है, जिसमें कुछ बेहद कड़े प्रावधान हैं:

  1. गैर-जमानती अपराध: पैसे वाले किसी भी ऑनलाइन गेम को खेलना, खिलाना या उसका प्रचार करना अब एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा। इसका मतलब है कि पुलिस आपको बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है और आपको कोर्ट से जमानत मिलना भी मुश्किल होगा।
  2. कंपनी का हर कर्मचारी होगा जिम्मेदार: अगर कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती पाई गई, तो सिर्फ कंपनी के मालिक पर ही नहीं, बल्कि उस कंपनी में काम करने वाले हर कर्मचारी पर भी कार्रवाई हो सकती है, जो इस काम में किसी भी तरह से मददगार साबित हुआ हो।
  3. छापेमारी और गिरफ्तारी का खुला अधिकार: सरकार द्वारा अधिकृत किसी भी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी जगह - चाहे वह ऑफिस हो या आपका घर - में घुसकर तलाशी ले सके और संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर सके।

क्यों पड़ी इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की जरूरत?

सरकार के ये आंकड़े आपकी आंखें खोल देंगे:

  • सरकार का मानना है कि हर साल लगभग 45 करोड़ भारतीय पैसे वाले इन ऑनलाइन गेम्स की वजह से वित्तीय नुकसान झेलते हैं।
  • अनुमान है कि इन गेम्स की वजह से आम लोग हर साल 20 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा गंवा देते हैं।
  • इसका सबसे बड़ा शिकार आम परिवारों के युवा हो रहे हैं, जो जल्दी पैसा कमाने के लालच में अपनी जिंदगी भर की कमाई और अपने परिवार की खुशियां दांव पर लगा देते हैं।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे एक ‘गंभीर सामाजिक समस्या’ बताया है।

तो क्या अब हर ऑनलाइन गेम बंद हो जाएगा?
नहीं! सरकार ने साफ किया है कि यह कानून सिर्फ उन गेम्स पर लागू होगा जहां पैसे लगाकर पैसे जीतने का खेल चलता है, यानी सट्टेबाजी होती है।

सरकार ई-स्पोर्ट्स (जैसे प्रोफेशनल वीडियो गेमिंग) और सोशल गेमिंग (जैसे दोस्तों के साथ खेला जाने वाला Ludo) को और बढ़ावा देना चाहती है, ताकि भारत ऐसे गेम्स को बनाने का एक बड़ा केंद्र बन सके।

सरकार ने आपसे भी मांगी है राय
यह अभी सिर्फ एक मसौदा है, और सरकार ने इस पर आम जनता, यानी आपसे भी 31 अक्टूबर तक राय और फीडबैक मांगा है। सरकार का मकसद साफ है - मनोरंजन के नाम पर चल रहे इस जुए के कारोबार को बंद करना और युवाओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचाना।