महारानी जैसा तामझाम नहीं, DM चैंबर में ली शपथ ट्रेनिंग में शुरू हुई IAS कपल की लव स्टोरी
News India Live, Digital Desk: जब दो आईएएस अधिकारी शादी के बंधन में बंधते हैं, तो लोगों के जहन में आलीशान रिसॉर्ट्स और वीआईपी मेहमानों की तस्वीरें आती हैं। लेकिन आईएएस अभिनव और आईएएस तन्मय (नाम काल्पनिक/संदर्भित) ने इन परंपराओं को तोड़ते हुए मिसाल पेश की है। इस अफसर जोड़े ने किसी लग्जरी होटल के बजाय जिला मजिस्ट्रेट (DM) के चैंबर में बेहद सादगी के साथ अपनी शादी रजिस्टर कराई।
लबासना (LBSNAA) से शुरू हुआ सफर
इस खूबसूरत प्रेम कहानी की शुरुआत मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। साथ में पढ़ाई और फील्ड ट्रेनिंग करते हुए दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद जब दोनों को अलग-अलग कैडर और जिले मिले, तब भी उन्होंने अपने रिश्ते को बखूबी निभाया और आखिरकार इसे शादी के अंजाम तक पहुंचाया।
क्यों खास है यह 'DM चैंबर' वाली शादी?
आजकल की शादियों में जहां करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, वहीं इस आईएएस जोड़े ने केवल 500 रुपये की कोर्ट फीस और कुछ गवाहों की मौजूदगी में शादी की रस्में पूरी कीं।
कोई फिजूलखर्ची नहीं: शादी में न कोई बड़ा बैंड-बाजा था और न ही कोई महंगा कैटरिंग का इंतजाम।
ड्यूटी के बीच समय: दोनों ने अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और लंच ब्रेक के समय कोर्ट मैरिज की औपचारिकताएं पूरी कीं।
सादगी का संदेश: इस कदम से उन्होंने समाज को संदेश दिया कि विवाह बंधनों का महत्व भावनाओं में है, दिखावे में नहीं।
सोशल मीडिया पर मिली जमकर वाहवाही
जैसे ही इस शादी की तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया। लोग इस आईएएस कपल की सादगी की तुलना उन भव्य शादियों से कर रहे हैं जो अक्सर विवादों या फिजूलखर्ची के कारण चर्चा में रहती हैं। कई युवाओं ने इन्हें अपना 'रोल मॉडल' बताया है।
दहेज मुक्त शादी की प्रेरणा
प्रशासनिक सेवा में रहते हुए इस तरह का कदम उठाना दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची के खिलाफ एक सशक्त संदेश है। इस जोड़े ने साबित कर दिया कि पद और प्रतिष्ठा का मतलब दिखावा करना नहीं, बल्कि समाज के लिए सही उदाहरण पेश करना है।