अमेरिका-इजरायल की नो एंट्री होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने लगाया टोल टैक्स, ग्लोबल मार्केट में गहराया कच्चे तेल का संकट
News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में सुलग रही युद्ध की आग के बीच ईरान ने एक ऐसा रणनीतिक दांव चला है, जिसने अमेरिका और इजरायल सहित पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर अपना दबदबा और मजबूत करते हुए वहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से 'टोल टैक्स' वसूलने का बड़ा फैसला लिया है। ईरान के इस आक्रामक कदम से न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी, बल्कि दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की आशंका भी पैदा हो गई है।
संसद से मिली नई टोल नीति को हरी झंडी, अमेरिका-इजरायल पर कड़ा प्रतिबंध
ईरानी स्टेट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने सोमवार को इस नई प्रबंधन योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस सख्त योजना के तहत अब अमेरिकी और इजरायली हितों वाले जहाजों के इस अहम जलमार्ग से गुजरने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके साथ ही, उन सभी देशों के जहाजों को भी होर्मुज में 'नो-एंट्री' दे दी गई है, जिन्होंने युद्ध के दौरान प्रत्यक्ष रूप से ईरान के खिलाफ रुख अपनाया था। नई नीति में कड़े सुरक्षा नियम, पर्यावरण संरक्षण के उपाय और ईरानी मुद्रा (रियाल) पर आधारित टोल वसूली प्रणाली को सख्ती से लागू करने का प्रावधान किया गया है।
कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई चेन पर मंडराया बड़ा खतरा
फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है। युद्ध के कारण ईरान पहले ही इस मार्ग से आवाजाही को काफी हद तक रोक चुका है, जिसके चलते तेल निर्यातक देशों के उत्पादन पर भारी असर पड़ा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नाकेबंदी और अब इस नई टोल टैक्स प्रणाली से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कई गुना बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर दुनिया भर में ईंधन की बढ़ती कीमतों के रूप में सामने आ रहा है।
कूटनीतिक दबाव की ओर मुड़े डोनाल्ड ट्रंप, युद्ध खत्म करने के संकेत?
एक तरफ ईरान लगातार आक्रामक फैसले ले रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अब नरम पड़ते दिख रहे हैं। ट्रंप, जो पहले होर्मुज न खोलने पर ईरान के खर्ग द्वीप और तेल कुओं को तबाह करने की धमकी दे रहे थे, अब अपने सहयोगियों से कह रहे हैं कि वह जलडमरूमध्य को जबरन खोले बिना ही युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। अमेरिकी प्रशासन का आकलन है कि होर्मुज खोलने के लिए कोई नया सैन्य अभियान छेड़ने से यह युद्ध तय समय-सीमा से बहुत आगे खिंच जाएगा। ऐसे में अमेरिका अब आक्रामक सैन्य कार्रवाई की जगह तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाकर व्यापार के मुक्त प्रवाह को फिर से शुरू करने की रणनीति अपना रहा है।