बिहार में नीतीश युग का अंत राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार ने ली शपथ, जानें कब होगा नए मुख्यमंत्री का राजतिलक?
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय का समापन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने दो दशकों तक बिहार की कमान संभाली, अब राष्ट्रीय राजनीति की नई पारी शुरू कर चुके हैं। 10 अप्रैल, 2026 को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद, अब सबकी निगाहें पटना के राजभवन पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार आज (13 अप्रैल) एनडीए विधायक दल की बैठक को संबोधित कर सकते हैं और इसके बाद अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। माना जा रहा है कि बिहार को अपना पहला 'पूर्णकालिक' बीजेपी मुख्यमंत्री 15 या 16 अप्रैल को मिल सकता है।
नीतीश कुमार का नया सफर: राज्यसभा में प्रवेश
राजसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उनके साथ जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में करीब 20 साल से चला आ रहा उनका मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
संजय झा और नीतीश की मुलाकात: क्या है 'पर्ची' का राज?
संजय झा और नीतीश कुमार की मुलाकातों के दौर ने कयासों को और हवा दे दी है। चर्चा है कि नीतीश कुमार ने अपने उत्तराधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी है और एक 'सीक्रेट पर्ची' बीजेपी हाईकमान को सौंप दी है। हालांकि, बीजेपी के शीर्ष नेता अभी भी मंथन में जुटे हैं कि राज्य की कमान किसी पिछड़े या अति पिछड़े (EBC) चेहरे को सौंपी जाए या किसी अनुभवी सवर्ण नेता को। संजय झा की इस पूरी प्रक्रिया में भूमिका 'किंगमेकर' और समन्वयकर्ता (Coordinator) के रूप में देखी जा रही है।
लोकभवन या राजभवन? शपथ ग्रहण की तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, नए मुख्यमंत्री और कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह भव्य होगा। पहले इसके गांधी मैदान में होने की चर्चा थी, लेकिन सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से इसे राजभवन या नवनिर्मित सरकारी परिसर में आयोजित किया जा सकता है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया है कि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी और 15 या 16 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री: रेस में कौन आगे?
बिहार के इतिहास में यह पहली बार होगा जब बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा। रेस में वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और कुछ दिल्ली में सक्रिय केंद्रीय मंत्रियों के नाम चल रहे हैं। गठबंधन के सहयोगियों (LJP-R, HAM) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे बीजेपी द्वारा तय किए गए नाम का समर्थन करेंगे।
कैबिनेट में बड़े बदलाव की संभावना
नई सरकार में न केवल मुख्यमंत्री बदलेगा, बल्कि कैबिनेट के चेहरों में भी बड़े फेरबदल की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी नई काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स में जगह मिल सकती है। अधिकांश वर्तमान मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है ताकि 'न्यू बिहार' के विजन को मजबूती दी जा सके।