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April 29 2026 08:53 pm

बिहार में जल्द होगा नई सरकार का राजतिलक छोटे मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेंगे नए मुख्यमंत्री

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News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में मचे बड़े उलटफेर के बीच अब सबकी निगाहें नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली यह नई एनडीए (NDA) सरकार एक 'छोटे मंत्रिमंडल' के साथ अपना सफर शुरू कर सकती है। मुख्यमंत्री के साथ केवल कुछ चुनिंदा वरिष्ठ नेता ही मंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि कैबिनेट का पूर्ण विस्तार बाद में किया जाएगा। फिलहाल, बीजेपी, जेडीयू (JDU), एलजेपी (रामविलास), हम (HAM) और आरएलएम (RLM) के बीच मंत्रियों के नामों और विभागों के बंटवारे को लेकर गहन मंथन जारी है।

शपथ ग्रहण का संभावित कार्यक्रम

राजभवन के सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह इसी सप्ताह आयोजित किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शुरुआत में केवल मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री (यदि तय हुए तो) के साथ 5-7 मंत्री शपथ लेंगे। कैबिनेट को छोटा रखने के पीछे का मुख्य कारण सहयोगी दलों के बीच सामंजस्य बिठाना और विभागों की मलाईदार सीटों पर आम सहमति बनाना है।

मंत्रियों की लिस्ट पर फंसा पेच

मंत्रिमंडल के गठन को लेकर एनडीए के घटक दलों में चर्चा का दौर जारी है:

बीजेपी (BJP): पार्टी इस बार नए और युवा चेहरों को मौका देने के साथ-साथ जातीय समीकरणों (पिछड़ा और अति-पिछड़ा कार्ड) को साधने की कोशिश में है।

जेडीयू (JDU): नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद, जेडीयू के कोटे से कौन मंत्री बनेगा, इस पर संशय बना हुआ है। पार्टी अपने पुराने वफादारों को बनाए रखने की पक्षधर है।

चिराग और मांझी की भूमिका: चिराग पासवान की एलजेपी (आर) और जीतन राम मांझी की 'हम' पार्टी ने अपनी ओर से कुछ खास विभागों की मांग रखी है। विशेष रूप से ग्रामीण विकास और निर्माण से जुड़े मंत्रालयों पर सहयोगियों की नजर है।

दिल्ली में हो रहा है अंतिम फैसला

बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व के कई नेता इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। मंत्रियों की अंतिम सूची पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगना बाकी है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ चर्चा के बाद ही यह तय होगा कि किस दल को कितने और कौन से विभाग दिए जाएंगे। उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम (RLM) को भी एक सम्मानजनक हिस्सेदारी देने का वादा किया गया है।

सुशासन और विकास पर रहेगा जोर

नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में विकास कार्यों को गति देने का खाका तैयार किया जा रहा है। छोटे मंत्रिमंडल का उद्देश्य त्वरित निर्णय लेना और लंबित परियोजनाओं को पूरा करना है। एक बार जब सभी सहयोगियों के बीच विभागों का विवाद सुलझ जाएगा, तब दूसरे चरण में कैबिनेट का विस्तार कर बाकी मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।