Nipah Virus Alert : बांग्लादेश में निपाह का कोहराम, पहली मौत से मचा हड़कंप WHO ने जारी की चेतावनी जानें लक्षण और बचाव के उपाय
News India Live, Digital Desk : कोरोना के साये से दुनिया अभी पूरी तरह उभरी भी नहीं थी कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में निपाह वायरस (NiV) ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। हाल ही में एक व्यक्ति की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है, क्योंकि इस वायरस की मृत्यु दर (Fatality Rate) चौंकाने वाली है।
कैसे फैला संक्रमण? 'खजूर का रस' पड़ा भारी
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतक ने कच्चा खजूर का रस (Raw Date Palm Sap) पिया था। माना जा रहा है कि यह रस उन 'फ्रूट बैट्स' (Phalbhakshi Chamgadar) द्वारा दूषित किया गया था, जो निपाह वायरस के प्राकृतिक वाहक हैं।
WHO की चेतावनी: क्यों है यह खतरनाक?
निपाह वायरस एक जुनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। WHO के अनुसार:
इसका मृत्यु दर 40% से 75% के बीच है, जो इसे बेहद घातक बनाता है।
फिलहाल इसके लिए कोई विशेष वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है।
यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
निपाह वायरस के लक्षण संक्रमण के 4 से 14 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। यदि आपको या आपके आसपास किसी को ये समस्याएं हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी और गले में खराश।
गंभीर लक्षण: सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ (Respiratory distress)।
खतरनाक स्थिति: मतिभ्रम (Confusion), दौरे पड़ना और अंततः कोमा में जाना (Encephalitis)।
बचाव ही एकमात्र इलाज: क्या करें और क्या न करें?
सरकार और डॉक्टरों ने जनता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
कच्चा रस न पिएं: पेड़ों से सीधे उतारे गए खजूर के रस का सेवन बिल्कुल न करें।
फलों की जांच: जमीन पर गिरे या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को न खाएं।
स्वच्छता: फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं और हाथों को साबुन से साफ करते रहें।
दूरी बनाएं: संक्रमित व्यक्ति या संदिग्ध जानवरों (विशेषकर सूअर और चमगादड़) के संपर्क में आने से बचें।