NIOS Fake Website Alert : नेशनल ओपन स्कूल के नाम पर चल रही हैं 150 फर्जी वेबसाइटें और YouTube चैनल
News India Live, Digital Desk : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड के संज्ञान में आया है कि इंटरनेट पर 150 से अधिक फर्जी वेबसाइटें, मोबाइल ऐप्स और यूट्यूब चैनल सक्रिय हैं, जो खुद को NIOS का आधिकारिक हिस्सा बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म न केवल गलत जानकारी फैला रहे हैं, बल्कि छात्रों के निजी डेटा और पैसों के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं।
कैसे जाल बिछा रहे हैं ये जालसाज?
NIOS ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी वेबसाइटों ने असली वेबसाइट (nios.ac.in) का लोगो, डिजाइन और कंटेंट हूबहू कॉपी कर लिया है ताकि वे असली लग सकें। ये फर्जी प्लेटफॉर्म छात्रों को निम्नलिखित झांसे दे रहे हैं:
फर्जी एडमिशन: 'डायरेक्ट एडमिशन' और 'गारंटीड पास' कराने का वादा करके मोटी रकम वसूलना।
मिसलीडिंग जानकारी: परीक्षा की गलत तारीखें, रिजल्ट अपडेट और फर्जी मार्कशीट का झांसा देना।
डेटा चोरी: एडमिशन के नाम पर आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और पर्सनल जानकारी मांगना।
NIOS द्वारा जारी 'ब्लैकलिस्ट' के मुख्य आंकड़े
बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत सूची जारी की है, जिसमें फर्जीवाड़े के अड्डों का पर्दाफाश किया गया है:
71 फर्जी वेबसाइटें: जो आधिकारिक पोर्टल जैसी दिखती हैं।
34 यूट्यूब चैनल: जो NIOS के नाम पर गलत वीडियो लेक्चर्स और सूचनाएं बेच रहे हैं।
8 मोबाइल ऐप्स: जो गूगल प्ले स्टोर पर गलत तरीके से उपलब्ध हैं।
सोशल मीडिया: कई टेलीग्राम ग्रुप, इंस्टाग्राम पेज और 14 व्हाट्सएप नंबर भी रडार पर हैं।
छात्रों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश (Advisory)
यदि आप या आपका कोई परिचित NIOS से पढ़ाई कर रहा है, तो इन बातों का खास ख्याल रखें:
केवल एक असली वेबसाइट: NIOS की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट https://nios.ac.in है। इसके अलावा किसी भी अन्य यूआरएल पर भरोसा न करें।
किसी को न दें पैसे: एडमिशन फीस केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही जमा करें। किसी भी व्यक्ति या 'एजेंट' को नकद पैसे न दें।
पर्सनल डेटा की सुरक्षा: अपनी मार्कशीट, आईडी प्रूफ या ओटीपी (OTP) किसी अनजान वेबसाइट या ऐप पर साझा न करें।
शिकायत कहाँ करें?: यदि आपको कोई संदिग्ध वेबसाइट या चैनल दिखे, तो तुरंत sap@nios.ac.in पर इसकी रिपोर्ट करें।
जालसाजों पर गिरेगी गाज
NIOS ने साफ कर दिया है कि इन फर्जी संस्थानों का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड अब साइबर सेल की मदद से इन वेबसाइटों को बंद कराने और इनके संचालकों पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।