Night Breathing syndrome: क्यों मुंह खोलकर सोते हैं लोग और इसका क्या है इलाज

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News India Live, Digital Desk: Night Breathing syndrome: अगर आप या आपका कोई प्रियजन अक्सर खुले मुँह से सोता है, तो यह केवल एक बुरी आदत नहीं बल्कि कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। मुंह खोलकर सोने की यह आदत अक्सर हल्के में ली जाती है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और कई अंतर्निहित बीमारियों की ओर इशारा कर सकती है। रात को सोते समय मुँह खुला रहने का मतलब है कि नाक से ठीक से सांस नहीं ली जा रही है, जो विभिन्न स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा हो सकता है।

खुले मुँह से सोने के कारण और इसके संभावित स्वास्थ्य प्रभाव:

  1. नाक से सांस लेने में बाधा:
    • कारण: सर्दी, जुकाम, एलर्जी (एलर्जिक राइनाइटिस), साइनस की समस्या, नाक की हड्डी में टेढ़ापन (डेविएटेड सेप्टम), या नाक में पॉलिप्स। ये सभी नाक मार्ग को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति को मुँह से सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
    • प्रभाव: यह श्वसन तंत्र को शुष्क कर सकता है, जिससे गला सूखना, खांसी और गले में खराश हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने से वायुमार्ग में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
  2. स्लीप एपनिया:
    • कारण: यह एक गंभीर नींद संबंधी विकार है जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है और फिर से शुरू होती है। यह अक्सर वायुमार्ग में रुकावट के कारण होता है।
    • प्रभाव: स्लीप एपनिया से पीड़ित व्यक्ति जोर-जोर से खर्राटे लेता है और रात को बार-बार नींद टूटती है। यह हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और दिन में अत्यधिक थकान का जोखिम बढ़ा सकता है। मुँह खोलकर सोना इस स्थिति का एक प्रमुख लक्षण है।
  3. एस्थमा (दमा):
    • कारण: दमा से पीड़ित कुछ लोग सोते समय सांस लेने में आसानी के लिए मुँह खोलकर सोते हैं।
    • प्रभाव: हालांकि यह तुरंत राहत दे सकता है, यह श्वसन पथ को शुष्क कर सकता है, जिससे दमा के लक्षणों को और बढ़ा सकता है।
  4. टॉन्सिल और एडेनोइड्स में वृद्धि:
    • कारण: बच्चों में अक्सर बढ़े हुए टॉन्सिल या एडेनोइड्स मुँह खोलकर सोने का कारण बन सकते हैं।
    • प्रभाव: ये बच्चों में नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं और भविष्य में चेहरे की संरचना में बदलाव (जैसे 'एडेनोइड फेस') का कारण बन सकते हैं।
  5. चिंता और तनाव:
    • कारण: अत्यधिक तनाव या चिंता कुछ लोगों में रात के समय मुँह खोलकर सांस लेने की आदत डाल सकता है।
    • प्रभाव: यह आरामदायक नींद को बाधित करता है, जिससे सुबह थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।

मुँह खोलकर सोने की समस्या से निपटने के लिए उपाय:

  • चिकित्सा परामर्श: यदि आप या आपके बच्चे अक्सर मुँह खोलकर सोते हैं, तो किसी डॉक्टर, विशेषकर ईएनटी विशेषज्ञ या नींद विशेषज्ञ से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। वे अंतर्निहित कारण का पता लगाकर उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं।
  • नींद की आदतों में सुधार: पीठ के बल सोने से बचें; करवट लेकर सोना सहायक हो सकता है।
  • नाक को साफ रखें: रात को सोने से पहले नाक को साफ करने या नेजल स्प्रे का उपयोग करने से नाक के रास्ते खुल सकते हैं।
  • हाइड्रेटेड रहें: दिन भर पर्याप्त पानी पीने से मुँह और गले की नमी बनी रहती है।
  • वातावरण: सोते समय कमरे में उचित आर्द्रता बनाए रखें।

खुले मुँह से सोना केवल एक अवांछित आदत नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर द्वारा दी गई एक चेतावनी भी हो सकती है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। समय पर ध्यान देने और उचित उपचार से कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

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