Nifty Pharma : Sun Pharma, Dr. Reddy's सब धड़ाम, जानिए ट्रंप की इस नई धमकी का पूरा सच

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News India Live, Digital Desk: मंगलवार को शेयर बाजार खुलते ही भारतीय दवा कंपनियों (Pharma Companies) के लिए एक बुरी खबर आई। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने निवेशकों के बीच ऐसी खलबली मचाई कि Sun Pharma, Lupin, और Dr. Reddy's Laboratories जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर गोता लगा गए। Nifty Pharma इंडेक्स 1.56% तक गिर गया, जो उस दिन सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर्स में से एक था।

ट्रंप के किस बयान से मचा हड़कंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि वह भारत से अमेरिका आने वाले फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर भारी-भरकम टैरिफ (आयात शुल्क) लगा सकते हैं।उन्होंने कहा कि फार्मा टैरिफ “एक ऐसे स्तर पर लगना शुरू होने जा रहा है जो आपने पहले कभी नहीं देखा होगा।”

यह खबर भारतीय दवा कंपनियों के लिए एक बड़े झटके की तरह है क्योंकि अमेरिका उनके लिए सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बाजार है। भारत अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है। Sun Pharma, Dr. Reddy's, Lupin, Zydus और Aurobindo जैसी बड़ी कंपनियां अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से ही करती हैं।

क्यों डरे हुए हैं निवेशक?

निवेशकों को डर है कि अगर अमेरिका ने सच में यह टैरिफ लगा दिया, तो भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में अपनी दवाएं बेचना बहुत महंगा हो जाएगा।

  • बढ़ जाएगी दवाओं की कीमत: टैरिफ लगने से दवाओं की लागत बढ़ जाएगी। कंपनियों को या तो यह बोझ खुद उठाना होगा, जिससे उनका मुनाफा (Profit Margin) कम हो जाएगा, या फिर उन्हें दवाओं की कीमतें बढ़ानी होंगी।
  • अमेरिकी बाजार में घटेगी competitiveness: कीमतें बढ़ने से भारतीय दवाएं अमेरिकी बाजार में कम प्रतिस्पर्धी रह जाएंगी, जिससे उनकी बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा।
  • मुनाफे पर सीधा असर: बिक्री कम होने और मार्जिन घटने का सीधा मतलब है कंपनियों के मुनाफे में भारी गिरावट, और इसी डर से निवेशक अपने शेयर बेचकर बाहर निकल रहे हैं।

क्या यह पहली बार हुआ है?

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ की धमकी दी है। इससे पहले भी वह कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर 25% से 50% तक का टैरिफ लगा चुके हैं, जिसका असर भारतीय बाजारों पर देखने को मिला था।पहले दवाइयों को इस टैरिफ से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब ट्रंप का नया बयान सीधे तौर पर फार्मा सेक्टर को निशाना बना रहा है, जो पहले एक सुरक्षित सेक्टर माना जाता था।

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के लिए भी भारतीय दवाओं पर भारी टैरिफ लगाना आसान नहीं होगा। भारत अमेरिका में सस्ती जेनेरिक दवाएं मुहैया कराकर वहां के हेल्थकेयर सिस्टम का सालाना 400 बिलियन डॉलर बचाता है। ऐसे में टैरिफ लगाने का असर अंततः अमेरिकी नागरिकों की जेब पर ही पड़ेगा।

फिलहाल, बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और जब तक टैरिफ को लेकर स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती, तब तक फार्मा शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।