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March 28 2026 06:04 pm

NIA का बड़ा खुलासा मिजोरम में गिरफ्तार US और यूक्रेनी नागरिकों से भारत को खतरा नहीं अमित शाह ने बताया प्लान

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News India Live, Digital Desk: पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम की सीमा पर गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा गलियारों में मचे हड़कंप के बीच शाह ने साफ किया कि इन लोगों से भारत की आंतरिक सुरक्षा को कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की धरती का इस्तेमाल किसी भी गलत काम के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

भारत नहीं, म्यांमार था असली निशाना; ट्रांजिट पॉइंट की तरह हो रहा था इस्तेमाल

गृह मंत्री ने खुलासा किया कि गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिक भारत को केवल एक 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। उनका मुख्य उद्देश्य मिजोरम के रास्ते म्यांमार सीमा में प्रवेश करना था। शाह ने बताया कि ये लोग म्यांमार के विद्रोही गुटों के साथ मिलकर उन्हें 'ड्रोन वारफेयर' और आधुनिक युद्ध कौशल का प्रशिक्षण देने की योजना बना रहे थे। चूंकि म्यांमार में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं, इसलिए ये विदेशी वहां के सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग देकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश में थे।

मिजोरम में एंट्री के लिए नहीं था 'परमिट', रशियन इनपुट पर हुई कार्रवाई

जांच में यह बात सामने आई है कि इन विदेशी नागरिकों के पास मिजोरम जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए जरूरी 'एडवांस परमिट' (ILP) नहीं था। इसी लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों के चलते वे सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आ गए। सूत्रों के मुताबिक, रशियन इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद NIA ने दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता में छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया। गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक की पहचान 'मैथ्यू' के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर धर्मार्थ कार्यों के नाम पर चंदा इकट्ठा कर विद्रोही समूहों की मदद कर रहा था।

नक्सलवाद पर भी शाह की दोटूक: 31 मार्च 2026 तक होगा बड़ा फैसला

विदेशी नागरिकों के मुद्दे के साथ-साथ अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा के एक और बड़े मोर्चे 'नक्सलवाद' पर भी अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का जो लक्ष्य रखा है, वह केवल हार-जीत का आंकड़ा नहीं है। शाह ने स्पष्ट किया कि हमारा मकसद हिंसा, धमाकों और निर्दोषों की हत्याओं पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास अब उन दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक पहुंच चुका है, जहां कभी नक्सलियों का खौफ हुआ करता था।