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April 19 2026 09:20 am

Pakistani Drama : परिजाद का जादू बिना बड़े सितारों और ग्लैमर के कैसे बना ग्लोबल ब्लॉकबस्टर? अहमद अली अकबर की वो परफॉर्मेंस

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News India Live, Digital Desk: जब 20 जुलाई 2021 को 'परिजाद' का पहला एपिसोड प्रसारित हुआ, तो किसी ने नहीं सोचा था कि एक सांवले रंग के, बेहद साधारण दिखने वाले लड़के की कहानी पूरी दुनिया में तहलका मचा देगी। मशहूर लेखक हाशिम नदीम के उपन्यास पर आधारित इस ड्रामे ने साबित कर दिया कि अगर कहानी सच्ची हो और अभिनय में जान हो, तो ग्लैमर की जरूरत नहीं पड़ती। आज 2026 में भी, इस शो की प्रासंगिकता और इसका क्रेज कम नहीं हुआ है।

1. कहानी: रंगभेद और आत्म-सम्मान की जंग

सीरियल की कहानी एक गरीब और सांवले रंग के लड़के 'परिजाद' (अहमद अली अकबर) के इर्द-गिर्द घूमती है।

नाम बनाम पहचान: 'परिजाद' का अर्थ होता है 'परियों की संतान' या 'बेहद खूबसूरत', लेकिन समाज उसके रंग के कारण उसका मजाक उड़ाता है।

सफर: एक साधारण उर्दू ट्यूटर से लेकर एक बेपनाह दौलत के मालिक बनने तक का उसका सफर केवल पैसों की दौड़ नहीं, बल्कि उसके आत्म-सम्मान और अपनी पहचान तलाशने की दास्तां है।

2. अहमद अली अकबर: एक 'मास्टरक्लास' अभिनय

अभिनेता अहमद अली अकबर ने इस किरदार को निभाने के लिए खुद को पूरी तरह बदल दिया। उनके चलने का अंदाज, बोलने का धीमा लहजा और आंखों की नमी ने दर्शकों को उनके साथ रोने और हंसने पर मजबूर कर दिया।

पुरस्कारों की झड़ी: इस भूमिका के लिए उन्हें 8वें हम अवॉर्ड्स (8th Hum Awards) में 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' (Jury & Popular) और 21वें लक्स स्टाइल अवॉर्ड्स में 'सर्वश्रेष्ठ टीवी अभिनेता' (क्रिटिक्स चॉइस) का खिताब मिला।

3. यादगार स्टार-कास्ट और सपोर्टिंग किरदार

इस ड्रामे की सबसे बड़ी ताकत इसकी सहायक कास्ट थी। हर किरदार ने कहानी में एक नया मोड़ दिया:

नौमान एजाज (बेहरोज करीम): एक डॉन के रूप में उनके पावरफुल परफॉर्मेंस ने शो को ऊंचाई दी।

युमना जैदी (RJ कुरतुल ऐन): एक अंधी रेडियो जॉकी के रूप में उनकी और परिजाद की केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

उशना शाह, सबूर अली, उर्वा होकेन और मशाल खान: इन सभी अभिनेत्रियों ने परिजाद के जीवन के अलग-अलग चरणों को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा।

4. रिकॉर्ड तोड़ सफलता और IMDb रेटिंग

TRP का बादशाह: अपने आखिरी एपिसोड तक पहुंचते-पहुंचते इस शो ने पाकिस्तान और भारत में डिजिटल व्यूअरशिप के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे।

IMDb रेटिंग: इसे 10 में से 9.1 की रेटिंग मिली है, जो किसी भी दक्षिण एशियाई ड्रामे के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।

सिनेमा स्क्रीनिंग: इसकी लोकप्रियता का आलम यह था कि इसके ग्रैंड फिनाले को पाकिस्तान के बड़े सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर दिखाया गया, जो हाउसफुल रहा।

5. हाशिम नदीम की जादुई कलम

लेखक हाशिम नदीम ने समाज की कड़वी सच्चाइयों, इंसानी लालच और निष्काम प्रेम को जिस तरह शब्दों में पिरोया, वह इस शो की रीढ़ रहा। शहजाद कश्मीरी के निर्देशन ने उन शब्दों को पर्दे पर एक कविता की तरह पेश किया।