NIA Action : मिजोरम में अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, अमेरिका और यूक्रेन समेत 7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। एनआईए ने मिजोरम में छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन आरोपियों में यूक्रेन और अमेरिका जैसे देशों के नागरिक शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग भारत की सीमा का इस्तेमाल कर म्यांमार के विद्रोही समूहों को अत्याधुनिक ड्रोन और सैन्य उपकरण सप्लाई करने की साजिश रच रहे थे।
विदेशी नागरिकों का 'टेरर कनेक्शन'
एनआईए की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये विदेशी नागरिक लंबे समय से मिजोरम के रास्ते म्यांमार सीमा पर सक्रिय थे। इनके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और तकनीकी गैजेट्स बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विकसित देशों के ये नागरिक भारत के संवेदनशील इलाकों में रहकर एक खतरनाक नेटवर्क चला रहे थे।
ड्रोन और हथियारों की तस्करी का मास्टर प्लान
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों का मुख्य मकसद म्यांमार में सक्रिय उग्रवादी गुटों तक घातक ड्रोन तकनीक पहुँचाना था।
तकनीकी सहायता: ये लोग ड्रोन असेंबल करने और उन्हें युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देने में भी शामिल थे।
लॉजिस्टिक्स सपोर्ट: सीमा पार से हथियारों और विस्फोटक सामग्री के आदान-प्रदान के लिए इन्होंने मिजोरम को एक 'ट्रांजिट पॉइंट' (Transit Point) के रूप में इस्तेमाल किया।
भारत की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
पूर्वोत्तर के राज्यों में म्यांमार की अस्थिरता का फायदा उठाकर विदेशी ताकतों की यह दखलंदाजी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। एनआईए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन सात विदेशियों के तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से जुड़े हैं।
फंडिंग का स्रोत: इन ऑपरेशंस के लिए पैसा कहाँ से आ रहा था?
स्थानीय मददगार: क्या भारत के भीतर भी कोई इनके लिए जासूसी या मदद कर रहा था?
अगला निशाना: क्या ड्रोन सप्लाई के अलावा इनका इरादा भारतीय सीमा में किसी हमले को अंजाम देना था?
सुरक्षा एजेंसियों का हाई अलर्ट
इस गिरफ्तारी के बाद मिजोरम और म्यांमार से सटी अन्य सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एनआईए ने संबंधित दूतावासों को भी इस कार्रवाई की जानकारी दे दी है। सभी सातों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचा जा सके।