NHAI Toll Rules 2026: हाईवे पर सफर करने वालों की मौज! सड़क चौड़ीकरण के दौरान अब लगेगा सिर्फ 30% टोल, सरकार ने दी भारी छूट
नई दिल्ली, डेस्क। नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले कार मालिकों और ट्रक चालकों के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी राहत के साथ हुई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा (Toll Plaza) के नियमों में बड़ा फेरबदल करते हुए यात्रियों को भारी वित्तीय राहत दी है। अब यदि आप किसी ऐसे हाईवे पर सफर कर रहे हैं जिसका चौड़ीकरण (Widening) चल रहा है, तो आपको पूरा टोल देने की जरूरत नहीं होगी। नए नियमों के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान टोल टैक्स में 70% तक की कटौती की गई है।
निर्माण के दौरान टोल में 70% की भारी बचत
अक्सर देखा जाता है कि हाईवे को चौड़ा करने के काम के चलते यात्रियों को जाम और खराब सड़कों का सामना करना पड़ता है, लेकिन टोल पूरा वसूल किया जाता था। अब मंत्रालय ने इसे न्यायसंगत बनाते हुए नियम बदल दिया है:
2-लेन से 4-लेन: जब किसी दो-लेन वाली सड़क को चार-लेन में तब्दील किया जा रहा हो, तो निर्माण शुरू होने से लेकर काम पूरा होने तक वाहन चालकों को सिर्फ 30% टोल ही चुकाना होगा।
सीधा फायदा: इस नियम से पर्सनल कार मालिकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों (ट्रक मालिकों) की लागत में भारी कमी आएगी। जनवरी 2026 से यह नियम सभी चालू और नई परियोजनाओं पर प्रभावी हो गया है।
बड़े हाईवे (4-लेन से अधिक) के लिए भी छूट का प्रावधान
सरकार ने केवल छोटे हाईवे ही नहीं, बल्कि बड़े प्रोजेक्ट्स के विस्तार पर भी ध्यान दिया है:
4-लेन से 6 या 8 लेन: यदि किसी चार-लेन हाईवे को छह या आठ लेन में विस्तारित किया जा रहा है, तो टोल में 25% की छूट मिलेगी। यानी यात्रियों को केवल 75% टोल ही देना होगा।
पुराना नियम बरकरार: किसी प्रोजेक्ट की लागत पूरी वसूल होने के बाद टोल राशि को घटाकर 40% कर देने का नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा।
लॉजिस्टिक्स और देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
देशभर में लगभग 25 से 30 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों को अपग्रेड किया जा रहा है। इस योजना पर सरकार ₹10 लाख करोड़ का निवेश कर रही है। इस पहल के दूरगामी परिणाम होंगे:
स्पीड में बढ़ोतरी: वर्तमान में ट्रकों की औसत गति 30-35 किमी/घंटा है, जो सड़कें चौड़ी होने के बाद 50-60 किमी/घंटा तक पहुँच जाएगी।
लागत में कमी: ईंधन की बचत और कम टोल से माल ढुलाई का खर्च घटेगा, जिससे महंगाई पर भी लगाम लगेगी।
माल ढुलाई: सरकार का लक्ष्य माल ढुलाई में सड़क मार्ग की हिस्सेदारी को 40% से बढ़ाकर 80% तक ले जाना है।
यात्रियों के लिए क्यों है यह 'गेम चेंजर'?
निर्माण क्षेत्रों में अक्सर ट्रैफिक धीमा रहता है। ऐसे में टोल में भारी छूट यात्रियों के लिए एक मुआवजे की तरह काम करेगी। अब यात्री निर्माण कार्य वाले रास्तों से घबराने के बजाय अपनी यात्रा को बजट-फ्रेंडली बना सकेंगे। यदि आप जयपुर-आगरा या ऐसे ही अन्य व्यस्त रूट पर सफर करते हैं जहाँ विस्तार का काम जारी है, तो आपकी जेब में हर ट्रिप पर सैकड़ों रुपये बचेंगे।