NEET PG 2025 : एमबीबीएस कर लिया? अब जान लीजिए देश में MD/MS की कुल कितनी सीटें हैं
News India Live, Digital Desk : एमबीबीएस करने के बाद हर डॉक्टर का अगला सपना होता है पीजी करना। यानी अपने नाम के आगे एमडी (MD) या एमएस (MS) लगाना। लेकिन हम सब जानते हैं कि नीट पीजी (NEET PG) का कम्पीटीशन कितना तगड़ा है। एक-एक सीट के लिए मारामारी होती है।
अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर पूरे इंडिया में कुल कितनी सीटें हैं? क्या मेरा नंबर लग पाएगा? तो चलिए, आज आपको मेडिकल पीजी सीटों का पूरा, ताजा और पक्का हिसाब-किताब समझाते हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में जो आंकड़े रखे हैं, वो काफी दिलचस्प हैं।
कुल कितनी सीटें हैं देश में?
सबसे पहले टोटल नंबर पर बात करते हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, पूरे भारत में पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटों की संख्या 73,000 के पार है (कुछ रिपोर्ट्स में 80,000+ भी बताई जाती हैं, जिसमें DNB भी शामिल है)। इनमें आपकी एमडी (MD), एमएस (MS), पीजी डिप्लोमा (Diploma) और डीएनबी (DNB) सीटें शामिल हैं। अच्छी खबर यह है कि पिछले कुछ सालों में सरकार ने नए मेडिकल कॉलेज खोले हैं, जिससे सीटों का ग्राफ ऊपर गया है।
किस राज्य का दबदबा है? (Top States with Maximum Seats)
अगर आप सोच रहे हैं कि सबसे ज्यादा मौके कहां हैं, तो जवाब है—साउथ इंडिया।
- कर्नाटक (Karnataka): मेडिकल एजुकेशन के मामले में यह राज्य 'किंग' है। यहां सबसे ज्यादा पीजी सीटें (करीब 6,000 से ज्यादा) हैं। यानी यहां कम्पटीशन के बाद भी चांस ज्यादा है।
- महाराष्ट्र (Maharashtra): दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र आता है, जहां सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों की भरमार है।
- तमिलनाडु (Tamil Nadu): यह राज्य भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाए हुए है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में भी अब सीटें बढ़ रही हैं, लेकिन टॉप पर अभी भी दक्षिण भारत के राज्य ही जमे हुए हैं।
MD/MS बनाम DNB
बहुत से छात्र सिर्फ एमडी/एमएस को ही टारगेट करते हैं, लेकिन अब डीएनबी (Diplomate of National Board) भी एक शानदार विकल्प बनकर उभरा है। केंद्र सरकार अब डीएनबी को बढ़ावा दे रही है और जिला अस्पतालों (District Hospitals) में भी इसकी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इसका फायदा यह है कि जो लोग टॉप रैंक से चूक जाते हैं, उन्हें भी स्पेशलिस्ट बनने का मौका मिल जाता है।
सरकारी और प्राइवेट का अंतर
भले ही सीटें 70 हजार से ऊपर हों, लेकिन असली लड़ाई सरकारी सीटों (Government Seats) के लिए है, जो कुल सीटों का लगभग आधा हिस्सा हैं। बाकी सीटें प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज के पास हैं, जिनकी फीस काफी भारी-भरकम होती है।
तो अगर आप नीट पीजी की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ अपने राज्य के भरोसे न रहें। ऑल इंडिया कोटे (All India Quota) पर भी नजर रखें, क्योंकि हो सकता है कर्नाटक या महाराष्ट्र का कोई कॉलेज आपका इंतजार कर रहा हो।