Navratri 2025 : चौथे दिन की मां कूष्मांडा आरती से चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये पाठ

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News India Live, Digital Desk: Navratri 2025 : नवरात्रि के चौथे दिन हम सब देवी कूष्मांडा की आराधना करते हैं. इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में जाना जाता है, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने ही अपनी मंद मुस्कान से इस ब्रह्मांड की रचना की थी. जब कहीं कुछ नहीं था, तब इन्हीं माता की आभा से सारे संसार में प्रकाश फैला और जीवन का आरंभ हुआ. इसीलिए इनका नाम 'कूष्मांडा' पड़ा, जिसका अर्थ है अपनी छोटी सी ऊर्जा (अंडा) से ब्रह्मांड को रचने वाली.

जो भी भक्त सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ इनकी पूजा करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. माता कूष्मांडा हमें स्वास्थ्य, धन और लंबी उम्र का आशीर्वाद देती हैं. उनके आठ हाथ हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं. हर हाथ में उनके अलग-अलग शस्त्र, अमृत कलश और कमल का फूल सुशोभित है, जो शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है.

इस पावन अवसर पर हमें माता से यही प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमें सद्बुद्धि दें, हमारे भीतर से सभी नकारात्मक शक्तियों को दूर करें और हमें जीवन में सुख-शांति प्रदान करें. उनकी आरती का जाप करने से मन शांत होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है. नवरात्रि के इन पावन दिनों में देवी कूष्मांडा की स्तुति कर हम अपने जीवन को धन्य बनाएं.