Bihar Land Survey: विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान दिसंबर 2027 तक पूरा होगा जमीन सर्वे, हड़ताली कर्मियों को दी आखिरी चेतावनी
News India Live, Digital Desk: बिहार में जमीन के मालिकाना हक और दशकों पुराने विवादों को सुलझाने के लिए चल रहा विशेष भूमि सर्वेक्षण (Special Land Survey) अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में भूमि सर्वे का काम दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
11 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस अभियान को "मिशन मोड" में चला रही है ताकि जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार और झगड़ों पर हमेशा के लिए लगाम लगाई जा सके।
विजय सिन्हा का 'एक्शन प्लान' और सख्त निर्देश
13 मार्च को बड़ी समीक्षा बैठक: उपमुख्यमंत्री ने 13 मार्च 2026 को पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में सर्वे की वर्तमान प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी।
हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी: राज्य में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की चल रही हड़ताल पर विजय सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि "नौकरी करनी है तो नियम का पालन करना होगा।" हड़ताल की अवधि की गिनती की जा रही है और काम में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दो चरणों में काम: सर्वे का काम दो चरणों में चल रहा है। पहले चरण में 20 जिलों के कार्यों (खानापुरी से प्रपत्र-20 तक) और दूसरे चरण के 18 जिलों में सीमा सत्यापन और किश्तवार कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
पारदर्शिता और डिजिटलीकरण: सर्वे पूरा होने के बाद सभी लैंड रिकॉर्ड्स डिजिटल और पारदर्शी हो जाएंगे। इससे असली मालिकों को अपना हक मिलेगा और अदालतों में लंबित जमीन विवादों के मामलों में भारी कमी आएगी।
सर्वे पूरा होने से जनता को क्या होगा फायदा?
विवादों का अंत: एक बार रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद अवैध कब्जों और गलत रजिस्ट्री पर लगाम लगेगी।
दाखिल-खारिज में आसानी: जमीन की खरीद-बिक्री के बाद म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया पेपरलेस और तेज हो जाएगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ: किसानों को सरकारी सब्सिडी और मुआवजा प्राप्त करने में किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं पड़ेगी।