Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में अगले 18 घंटे भारी! नैनीताल-अल्मोड़ा में रेड अलर्ट, 3 जिलों में स्कूल बंद और 17 सड़कें ठप, SDRF तैनात

Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में अगले 18 घंटे भारी! नैनीताल-अल्मोड़ा में रेड अलर्ट, 3 जिलों में स्कूल बंद और 17 सड़कें ठप, SDRF तैनात

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 18 घंटों के दौरान मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत व बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF) तथा एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के मद्देनजर तीन प्रमुख जिलों में सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

नैनीताल और अल्मोड़ा में रेड अलर्ट: इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल के नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने के साथ-साथ अत्यंत तीव्र बारिश का दौर देखने को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अल्मोड़ा के चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, द्वाराहाट, भनोली और जैती सहित नैनीताल के रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर और भवाली क्षेत्रों में मौसम अत्यधिक खराब रह सकता है। स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: देहरादून से लेकर चमोली तक आफत की बारिश

रेड अलर्ट के अलावा प्रदेश के 10 अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसमें राजधानी देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने और संवेदनशील ढलानों पर मिट्टी खिसकने (Landslides) का भारी जोखिम बना हुआ है। विशेष रूप से मसूरी-देहरादून मार्ग और चारधाम यात्रा से जुड़े मुख्य राजमार्गों पर मलबा आने की आशंका को देखते हुए जेसीबी और बुलडोजर तैनात किए गए हैं।

3 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित: प्रशासन ने जारी किए सख्त आदेश

छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कदम उठाए हैं। नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। संबंधित जिलाधिकारियों ने सभी नोडल अधिकारियों, राजस्व उप-निरीक्षकों और पुलिस टीमों को 24 घंटे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैद रहने का आदेश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से 17 सड़कें बंद, 400 से ज्यादा वाहन फंसे

सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुन्ना बैंड के पास भारी मात्रा में पहाड़ का मलबा और विशाल बोल्डर गिरने से सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। जिले के ग्रामीण और मुख्य संपर्कों सहित कुल 17 प्रमुख सड़कें बंद हो चुकी हैं। इस मार्ग अवरोध के कारण आवश्यक सामान ले जा रहे ट्रकों, बसों, टैक्सियों और स्थानीय यात्रियों के 400 से अधिक वाहन विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) और बीआरओ (BRO) की मशीनरी युद्धस्तर पर मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयास में जुटी हुई है।

उफान पर काली, सरयू और गोरी नदियां: नदी तटों से दूर रहने की एडवाइजरी

लगातार हो रही बारिश से राज्य की प्रमुख नदियों—काली, रामगंगा, सरयू, गोरी और पिंडर का जलस्तर चेतावनी रेखा के बेहद करीब पहुंच गया है। कई स्थानीय बरसाती गदेरे (नाले) उफान पर हैं, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी और कीचड़ घुसने का खतरा उत्पन्न हो गया है। राज्य आपदा कंट्रोल रूम ने आम जनता, चरवाहों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे नदियों, झरनों और कटाव वाले तटों के बिल्कुल नजदीक न जाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम या 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।