इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, 75 किमी/घंटा की रफ्तार से आ सकता है तूफान; IMD ने जारी की चेतावनी

इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, 75 किमी/घंटा की रफ्तार से आ सकता है तूफान; IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। मॉनसून के विदाई चरण के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद आक्रामक रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक आपातकालीन वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के चार प्रमुख राज्यों में भीषण जलभराव, आकाशीय बिजली और 'अत्यंत भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरा चक्रवाती दबाव (Deep Depression) अब तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है।

इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से तटीय और निकटवर्ती मैदानी इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के रूप में 75 किलोमीटर प्रति घंटे (75 kmph Gusting Wind) तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और तटीय मछुआरों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है।

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा वेदर सिस्टम: किन 4 राज्यों पर टूटेगा आफत का पानी?

मौसम विभाग के सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने अपनी तीव्रता बढ़ा ली है। इसके साथ ही मॉनसून की ट्रफ रेखा भी सामान्य से दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे भारी मात्रा में नमी इन राज्यों में पहुंच रही है।

विशेष रूप से प्रभावित होने वाले चार राज्यों की स्थिति:

  1. ओडिशा (Odisha - रेड अलर्ट): तटीय जिलों—पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, केंद्रपड़ा और भद्रक में 200 मिमी से अधिक बारिश होने की आशंका है। समुद्र में 3 से 4 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं।

  2. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh - उत्तरी तटीय क्षेत्र): विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम में बादलों के गरजने के साथ अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। तेज हवाओं के चलते कच्चे मकानों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है।

  3. पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal): दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और सुंदरबन के तटीय इलाकों में भारी वर्षा के साथ 60-70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

  4. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (Central India): डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण बस्तर, रायपुर, बालाघाट और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (Orange/Red Alert) का खतरा मंडरा रहा है।

IMD की एडवाइजरी: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत

मौसम के विकराल रूप को देखते हुए तटीय सुरक्षा एजेंसियों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने कड़े निर्देश लागू किए हैं:

  • मछुआरों पर पूर्ण प्रतिबंध: समुद्र में 75 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं और ऊंची लहरों के कारण मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और उत्तरी आंध्र-ओडिशा तट के आसपास गहरे समुद्र में जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है। जो नावें पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत निकटतम तट पर लौटने का संदेश भेजा गया है।

  • बंदरगाहों पर चेतावनी सिग्नल: पारादीप, गोपालपुर और विशाखापट्टनम बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत (Local Cautionary Signals) जारी कर दिए गए हैं। जहाजों को सुरक्षित लंगर डालने के निर्देश दिए गए हैं।

  • निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा: अत्यधिक वर्षा के चलते स्वर्णरेखा, वैतरणी और वंशधारा जैसी स्थानीय नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड (Flash Floods) और शहरों में गंभीर जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

आम जनता और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, वे इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों, अंडरपास और कमजोर पुलों को पार करने की कोशिश न करें।

आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि तेज हवाओं के कारण शाखाएं टूटने और शॉर्ट सर्किट से जान-माल का खतरा रहता है। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई खरीफ फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित शेड्स में रखें तथा खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के उचित प्रबंध करें।