दिल्ली में BRICS Summit का महा-धमाका: 5-स्टार होटलों के कमरे फुल, एक रात का किराया ₹2.4 लाख के पार; जानिए राजधानी में आसमान छूती कीमतों की पूरी इनसाइड स्टोरी
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर दुनिया के सबसे ताकतवर वैश्विक सम्मेलनों में से एक 'ब्रिक्स समिट' (BRICS Summit) की मेजबानी के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो रही है। विश्व के शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी राजनयिकों, सुरक्षा सलाहकारों, अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों और वैश्विक मीडिया के जमावड़े के चलते दिल्ली-एनसीआर का पूरा माहौल कूटनीतिक हलचलों से भर गया है। इस महा-आयोजन का सीधा और सबसे बड़ा असर दिल्ली के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। सम्मेलन शुरू होने से काफी पहले ही राजधानी के शीर्ष 5-स्टार और 7-स्टार लक्जरी होटलों में कमरे पूरी तरह बुक हो चुके हैं और जो कुछ गिने-चुने सुइट्स बचे हैं, उनके किराए में रिकॉर्ड तोड़ उछाल दर्ज किया गया है।
होटल बुकिंग पोर्टल्स और लक्जरी होटल नेटवर्क्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मध्य दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट के पास स्थित चुनिंदा लक्जरी सुइट्स का एक रात का किराया 2.4 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। सामान्य दिनों में जो कमरे 15,000 से 30,000 रुपये प्रति रात में उपलब्ध होते थे, उनके दाम आज 80,000 से 1.2 लाख रुपये के बीच चल रहे हैं। लुटियंस दिल्ली, चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव और एरोसिटी के प्रमुख होटलों ने भारी मांग के चलते बुकिंग विंडो बंद कर दी हैं।
₹2.4 लाख प्रति रात तक पहुंचा किराया: लुटियंस से एरोसिटी तक मची होड़
दिल्ली के प्रीमियम होटल हब जैसे चाणक्यपुरी, सरदार पटेल मार्ग, जनपथ, मानसिंह रोड और एरोसिटी हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट में स्थिति यह है कि ज्यादातर संपत्तियों में 95 से 100 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा चुकी है। विभिन्न देशों के दूतावासों, विदेशी मंत्रालयों और वैश्विक प्रतिनिधिमंडलों ने महीनों पहले ही पूरे-पूरे फ्लोर और प्रेसिडेंशियल सुइट्स आरक्षित कर लिए थे।
ताज मानसिंह, आईटीसी मौर्य, द लीला पैलेस चाणक्यपुरी, द ओबेरॉय नई दिल्ली, द इंपीरियल, शांग्री-ला इरोज और एरोसिटी स्थित जेडब्ल्यू मैरियट व पुलमैन जैसे लक्जरी होटलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के वीवीआईपी सुइट्स की मांग चरम पर है। आईटीसी मौर्य का मशहूर 'ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट' और लीला पैलेस का 'महाराजा सुइट' हमेशा से राष्ट्राध्यक्षों की पहली पसंद रहे हैं। इन विशेष सुइट्स के लिए प्रति रात का किराया 2.4 लाख रुपये से अधिक कोट किया जा रहा है, जिसमें बुलेटप्रूफ खिड़कियां, निजी शेफ, निजी बटलर, अत्याधुनिक सुरक्षा नियंत्रण और निजी बोर्डरूम जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं।
कॉरपोरेट जगत और आम यात्रियों का बदला रुख: गुरुग्राम और नोएडा शिफ्ट हो रही बुकिंग्स
ब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य इलाकों में सामान्य पर्यटकों और बिजनेस यात्रियों के लिए कमरे मिलना लगभग असंभव हो गया है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी नियमित कॉरपोरेट बैठकों और बिजनेस ट्रैवल्स की तारीखें आगे बढ़ानी पड़ी हैं या फिर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य हिस्सों का रुख करना पड़ रहा है।
लुटियंस जोन और दक्षिण दिल्ली में होटलों की भारी कमी के कारण गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड, साइबर सिटी और नोएडा के प्रीमियम होटलों में भी कमरे तेजी से भरने लगे हैं। जो विदेशी सैलानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार और इंडिया गेट को देखने आ रहे थे, वे अब दिल्ली की बजाय जयपुर, आगरा या एनसीआर के बाहरी रिसॉर्ट्स में रुकने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली आने-जाने वाली प्रमुख उड़ानों के बिजनेस क्लास के टिकटों की कीमतों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है।
7-लेयर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल, बुलेटप्रूफ गाड़ियां और विशेष वीवीआईपी बंदोबस्त
ब्रिक्स जैसे विशाल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए केवल कमरों की बुकिंग ही काफी नहीं होती, बल्कि सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए जाते हैं जो किसी किले से कम नहीं होते। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय, एसपीजी, एनएसजी और संबंधित देशों की सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से चाणक्यपुरी और होटल परिसरों को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है।
होटल के कर्मचारियों का पूर्ण पुलिस सत्यापन, चौबीसों घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम, बायोमेट्रिक एंट्री और चौतरफा सीसीटीवी सर्विलांस सक्रिय कर दिया गया है। वीवीआईपी मेहमानों के आवागमन के लिए सैकड़ों की संख्या में लक्जरी और बुलेटप्रूफ मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी गाड़ियों का काफिला तैयार किया गया है। इसके अलावा, विदेशी मेहमानों के खान-पान के लिए दुनिया भर से आए मास्टर शेफ और भारत के चुनिंदा क्षेत्रीय व्यंजनों को परोसने की विशेष व्यवस्था की गई है।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था और एमआईसीई (MICE) टूरिज्म को मिलेगा ऐतिहासिक बूस्ट
इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से न केवल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी मुनाफा होता है, बल्कि पूरे स्थानीय सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलती है। कैब एग्रीगेटर्स, प्रीमियम कार रेंटल एजेंसियां, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां, ट्रांसलेटर व इंटरप्रेटर सर्विसेज, आर्ट व हैंडीक्राफ्ट आउटलेट्स और उच्च-स्तरीय खान-पान उद्योग में करोड़ों रुपये का सीधा कारोबार होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जी-20 सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब ब्रिक्स सम्मेलन दिल्ली को वैश्विक 'माइंस टूरिज्म' (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) के सबसे प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इससे भारत की वैश्विक छवि एक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे वाले देश के रूप में और अधिक मजबूत होती है।