Artemis II Mission: चंद्रमा की ऐतिहासिक परिक्रमा कर सुरक्षित लौटा NASA का क्रू, प्रशांत महासागर में सफल लैंडिंग; राष्ट्रपति ट्रंप बोले- "अगला कदम मंगल"
वॉशिंगटन/सैन डिएगो: अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। 50 से अधिक वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, चंद्रमा की परिक्रमा करने वाला पहला मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस II (Artemis II) शुक्रवार को सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आया। नासा (NASA) के ओरियन कैप्सूल ने भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह (पूर्वी समय अनुसार शुक्रवार रात 8:07 बजे) सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में लैंडिंग की। इस सफल लैंडिंग के साथ ही चारों अंतरिक्ष यात्रियों की 10 दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा का समापन हुआ।
1.1 मिलियन किलोमीटर का सफर और टूटा 56 साल पुराना रिकॉर्ड
अपनी इस रोमांचक यात्रा के दौरान आर्टेमिस II के क्रू ने लगभग 11 लाख किलोमीटर की दूरी तय की। इस मिशन ने न केवल अपोलो युग की यादें ताजा कीं, बल्कि दूरी के मामले में नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।
नया रिकॉर्ड: अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 4,06,000 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचे, जो 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड से 6,400 किलोमीटर अधिक है।
ऐतिहासिक वापसी: दिसंबर 1970 में अपोलो 17 के बाद यह पहला मौका है जब मानवयुक्त यान चंद्रमा के करीब से होकर सुरक्षित वापस लौटा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दी बधाई, 'मार्स मिशन' का दिया संकेत
इस ऐतिहासिक सफलता पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा:
"आर्टेमिस II के महान और प्रतिभाशाली क्रू को बधाई! लैंडिंग एकदम सही थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मुझे गर्व है। हम इसे फिर से करेंगे और हमारा अगला कदम मंगल ग्रह (Mars) होगा!"
इन चार नायकों ने रचा इतिहास: बने 'स्पेस आइकन'
इस मिशन की सफलता ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को उन चुनिंदा 24 लोगों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन्होंने चंद्रमा तक का सफर तय किया है। मिशन ने कई सामाजिक रिकॉर्ड भी तोड़े:
विक्टर ग्लोवर (पायलट): चंद्रमा पर जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री।
क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट): चंद्रमा की यात्रा करने वाली पहली महिला।
जेरेमी हैनसेन (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी): चंद्रमा के मिशन पर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी।
रीड वाइजमैन (कमांडर): मिशन का नेतृत्व करने वाले कुशल पायलट।
कैप्सूल से दिखा पृथ्वी का 'गहरा नीला' रंग
जब ओरियन कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था, तब कमांडर रीड वाइजमैन ने भावुक होकर पृथ्वी के नजारे का वर्णन किया। उन्होंने कहा, "इसका रंग गहरा नीला है, यह बहुत ही सुंदर है।" वहीं, क्रिस्टीना कोच ने चंद्रमा को पहली बार करीब से देखने के अनुभव को 'चमत्कार' बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रमा को देखकर वह इतनी भावुक हो गईं कि उन्हें लगा जैसे वह चंद्रमा की सतह का ही हिस्सा बन गई हों।
मिशन का अगला लक्ष्य: 2028 में चांद पर उतरना
नासा की रेस्क्यू टीम ने यूएसएस जॉन पी मुर्था जहाज की मदद से अंतरिक्ष यात्रियों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाला। अब उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए नौसेना के जहाज पर ले जाया गया है। नासा के अनुसार, आर्टेमिस II की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि इंसान 'सिसलूनर स्पेस' (पृथ्वी और चंद्रमा के बीच का क्षेत्र) में सुरक्षित यात्रा कर सकता है। अब नासा का अगला बड़ा लक्ष्य 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारना (Artemis III) और वहां एक स्थायी बेस बनाना है।