Morning Stretching Routine 2026: सुबह उठते ही शरीर में महसूस होती है जकड़न? केवल 15 मिनट का यह स्ट्रेचिंग रूटीन आपको दिन भर रखेगा फुर्तीला
लखनऊ: क्या आपकी सुबह भी शरीर में भारीपन, गर्दन में अकड़न या पीठ के निचले हिस्से में दर्द के साथ होती है? रात भर स्थिर रहने के कारण हमारी मांसपेशियां 'कोल्ड' (Cold) हो जाती हैं और जोड़ों में चिकनाई की कमी महसूस होती है। इसे दूर करने के लिए आपको किसी भारी वर्कआउट की जरूरत नहीं है।
अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं 15 मिनट का एक ऐसा 'मैजिक' स्ट्रेचिंग रूटीन, जो न केवल आपकी जकड़न को खत्म करेगा, बल्कि आपके शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) को तेज कर आपको दिन भर के लिए नई ऊर्जा से भर देगा।
सुबह का 15 मिनट: जकड़न से आजादी का 'स्टेप-बाय-स्टेप' प्लान
1. गर्दन और कंधों की सक्रियता (Neck & Shoulder Rolls)
सबसे पहले बैठकर अपनी गर्दन को धीरे-धीरे गोलाकार दिशा में घुमाएं। इसके बाद कंधों को आगे और पीछे की ओर लुढ़काएं। यह रात भर गलत मुद्रा में सोने से गर्दन और कंधों में आए तनाव को तुरंत दूर करता है।
2. रीढ़ की हड्डी के लिए कैट-काउ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch)
घुटनों और हाथों के बल आकर अपनी रीढ़ को ऊपर-नीचे करें। यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बहाल करता है और पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) की अकड़न को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।
3. स्टैंडिंग फॉरवर्ड फोल्ड (आगे की ओर झुकना)
खड़े होकर धीरे-धीरे नीचे झुकें। गुरुत्वाकर्षण को अपना काम करने दें और शरीर के ऊपरी हिस्से को ढीला छोड़ दें। यह आपकी हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को खोलता है और मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह बढ़ाता है।
4. लो लंज और हिप सर्कल्स (Hip Mobility)
कूल्हों की जकड़न दूर करने के लिए एक पैर आगे रखकर लंज की स्थिति में आएं। इसके बाद खड़े होकर कूल्हों को गोल घुमाएं। यह उन लोगों के लिए रामबाण है जो दिन भर कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं।
5. चेस्ट ओपनर और साइड स्ट्रेच (Chest & Side Stretch)
पसलियों और छाती को खोलने के लिए हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर बगल की ओर झुकें। यह गहरी सांस लेने की क्षमता को सुधारता है और झुकी हुई मुद्रा (Posture) को ठीक करता है।
6. डाउनवर्ड फेसिंग डॉग (अधोमुख श्वानासन)
अंत में, शरीर को 'V' आकार में लाएं। यह एक फुल-बॉडी स्ट्रेच है जो पिंडली, कंधों और रीढ़ की हड्डी को एक साथ सक्रिय करता है।
स्ट्रेचिंग करते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
सांस का जादू: हर खिंचाव के साथ गहरी सांस लें। सांस छोड़ते समय मांसपेशियों को अधिक ढीला छोड़ें।
झटके न दें: सुबह के समय मांसपेशियां नाजुक होती हैं, इसलिए हर गति को बहुत धीमा और नियंत्रित रखें।
हाइड्रेशन: स्ट्रेचिंग शुरू करने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीना जोड़ों के लचीलेपन में मदद करता है।