मुरादाबाद का बीडीएस छात्र निकला आतंकी बच्चों के ब्रेनवॉश की थी साजिश, आईएस हैंडलर से था संपर्क
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मुरादाबाद से एक बीडीएस (BDS) छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी छात्र की पहचान हारिस अली (Haris Ali) के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के संपर्क में था। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले हैं। हारिस अली केवल कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित नहीं था, बल्कि वह मासूम बच्चों को अपना निशाना बनाने और उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों में धकेलने की खतरनाक साजिश रच रहा था।
आईएस हैंडलर के सीधे संपर्क में था हारिस
सुरक्षा एजेंसियों (ATS और इंटेलिजेंस) की लंबी निगरानी के बाद हारिस अली को दबोचा गया।
डिजिटल फुटप्रिंट: हारिस के मोबाइल और लैपटॉप से भारी मात्रा में जिहादी साहित्य, वीडियो और आईएस से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है।
टेलीग्राम और डार्क वेब: वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए विदेशी हैंडलरों से बात करता था। जांच में पता चला है कि वह सीरिया और अफगानिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर काम कर रहा था।
बच्चों को 'ट्रैप' करने का था मास्टर प्लान
हारिस अली की सबसे खतरनाक योजना छोटे बच्चों और किशोरों को अपना शिकार बनाना था।
ब्रेनवॉशिंग: वह सोशल मीडिया और निजी मुलाकातों के जरिए बच्चों को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था। उसका मकसद बच्चों के मन में जहर घोलकर उन्हें 'लोन वुल्फ' अटैक या स्लीपर सेल के रूप में तैयार करना था।
धार्मिक कट्टरता का सहारा: वह बच्चों को मजहब के नाम पर गुमराह कर रहा था और उन्हें ऐसी ट्रेनिंग देने की फिराक में था जिसे सुरक्षा एजेंसियां आसानी से न पकड़ सकें।
शिक्षण संस्थानों में फैला रहा था नेटवर्क
मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीडीएस कर रहा हारिस अपने आसपास के छात्रों और युवाओं पर भी नजर रखता था। जांचकर्ताओं के अनुसार, वह पढ़े-लिखे युवाओं को अपनी ओर खींचने के लिए आईएस की ऑनलाइन मैगजीन और प्रोपेगेंडा वीडियो का इस्तेमाल करता था। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि हारिस के साथ कुछ और लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) के अनुसार, हारिस की गिरफ्तारी से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने बच्चों या युवाओं से संपर्क किया था और क्या उसके पास कोई विस्फोटक या हथियार जुटाने की योजना भी थी।