Mistakes to Avoid : क्या हनुमान चालीसा का पाठ आपको फल नहीं दे रहा? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां

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News India Live, Digital Desk: हनुमान चालीसा, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक चमत्कारी स्तुति है, जिसे करोड़ों लोग हर दिन पढ़ते हैं। यह सिर्फ एक प्रार्थना नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली कवच है जो हर संकट से बचाता है और मन को शांति देता है। हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत सरल है, लेकिन कई बार अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे हमें इसका पूरा फल नहीं मिल पाता। आज हम आपको बताएंगे कि हनुमान चालीसा का पाठ कब नहीं करना चाहिए और इसे पढ़ने का सबसे सही समय और तरीका क्या है, ताकि बजरंगबली की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे।

हनुमान चालीसा का पाठ कब नहीं करना चाहिए?

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यह नियम मन को एकाग्र करने और श्रद्धा बनाए रखने में मदद करते हैं:

  • अशुद्ध अवस्था में: कभी भी बिना नहाए या गंदे कपड़ों में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। तन और मन की स्वच्छता बहुत आवश्यक है।
  • मांस-मदिरा का सेवन: यदि आपने शराब या किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन का सेवन किया है, तो उस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से बचना चाहिए।
  • मन में बुरे विचार: यदि आपके मन में किसी के प्रति ईर्ष्या, क्रोध या कोई गलत भावना है, तो ऐसे में पाठ करने से उसका फल नहीं मिलता। पहले अपने मन को शांत और शुद्ध करें।
  • सूतक काल में: परिवार में किसी के जन्म या मृत्यु के बाद लगने वाले सूतक काल के दौरान भी पूजा-पाठ वर्जित होता है।
  • अशांत वातावरण: किसी शोर-शराबे वाली या अशांत जगह पर पाठ करने से बचें। इससे ध्यान भटकता है और पूजा में मन नहीं लगता।

हनुमान चालीसा पढ़ने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

वैसे तो आप हनुमान जी को किसी भी समय याद कर सकते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ समय को पाठ के लिए विशेष फलदायी माना गया है:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सूर्योदय से पहले का समय (ब्रह्म मुहूर्त) पूजा-पाठ के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस समय वातावरण शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होता है।
  • शाम का समय: सूर्योदय के बाद शाम के समय भी हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ होता है।
  • मंगलवार और शनिवार: मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इन दिनों पर पाठ करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हनुमान चालीसा पाठ की सरल विधि

  1. सबसे पहले स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
  2. हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने एक साफ आसन पर बैठें। आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
  3. भगवान श्री राम का ध्यान करें, क्योंकि हनुमान जी श्री राम के परम भक्त हैं।
  4. बजरंगबली के सामने घी या चमेली के तेल का एक दीपक जलाएं।
  5. अब पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ, सही उच्चारण करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करें।
  6. पाठ पूरा होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और उन्हें फल या मिठाई का भोग लगाएं।