Milk vs Ragi: दूध पीना पसंद नहीं या लैक्टोज से है एलर्जी? आज ही डाइट में शामिल करें यह 'जादुई' अनाज, इसमें है दूध से 3 गुना ज्यादा कैल्शियम

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नई दिल्ली। शरीर को फिट रखने और हड्डियों को फौलाद जैसा मजबूत बनाने के लिए हम बचपन से ही दूध पीने की सलाह सुनते आए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा 'सुपरफूड' भी है, जिसमें कैल्शियम की मात्रा दूध के मुकाबले कहीं ज्यादा है? अगर आप लैक्टोज इंटॉलरेंस (Lactose Intolerance) के कारण दूध नहीं पच पा रहे हैं या आपको इसका स्वाद पसंद नहीं है, तो रागी (Ragi) आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। डायटीशियन और विशेषज्ञों के अनुसार, रागी न केवल हड्डियों को मजबूती देती है, बल्कि यह वजन घटाने और शुगर कंट्रोल करने में भी रामबाण है।

रागी क्यों है दूध से बेहतर? एक्सपर्ट्स ने बताए चौंकाने वाले आंकड़े

गोदरेज मेमोरियल अस्पताल की डायटीशियन योगिता चव्हाण के अनुसार, रागी कैल्शियम का एक पावरहाउस है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) के आंकड़ों की तुलना करें तो नतीजे चौंकाने वाले हैं:

गाय का दूध (100 मिली): केवल 118 मिलीग्राम कैल्शियम।

रागी (100 ग्राम): लगभग 364 मिलीग्राम कैल्शियम।

यानी वजन के हिसाब से रागी में दूध की तुलना में लगभग 3 गुना ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। यही कारण है कि इसे उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है जो डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं कर सकते।

जर्नल ऑफ फूड साइंस की रिपोर्ट: हड्डियों के लिए रामबाण है रागी

'जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी' में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, रागी का कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी बीमारियों को रोकने में दूध से अधिक प्रभावी हो सकता है। दूध में फाइबर शून्य होता है और आयरन की मात्रा भी बहुत कम होती है, जबकि रागी फाइबर और आयरन से भरपूर है। यह न केवल हड्डियों का ख्याल रखती है बल्कि एनीमिया (खून की कमी) से भी बचाती है।

रागी के सेहतमंद फायदे: मोटापा और बीपी रहेगा कंट्रोल

डॉ. बनर्जी के अनुसार, रागी के नियमित सेवन से शरीर को कई बड़े फायदे मिलते हैं:

ब्लड शुगर: इसका लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है।

वजन घटाना: इसमें मौजूद फाइबर पेट को देर तक भरा रखता है, जिससे मोटापा कम करने में आसानी होती है।

दिल की सेहत: पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर रागी हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए औषधि की तरह काम करती है।

ग्लूटेन-फ्री: यह अनाज पूरी तरह ग्लूटेन-मुक्त है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।

डाइट में कैसे शामिल करें रागी? बनाने के आसान तरीके

रागी का सेवन हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है। एक्सपर्ट योगिता चव्हाण ने रागी को डाइट में शामिल करने के कुछ स्वादिष्ट तरीके बताए हैं:

ब्रेकफास्ट: रागी का डोसा, इडली या उपमा बनाकर दिन की शुरुआत करें।

लंच: रागी के आटे की रोटियां या पोषण से भरपूर खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है।

स्नैक्स: बच्चों के लिए रागी के पैनकेक या दलिया तैयार किया जा सकता है।